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महाराष्ट्र: कहीं टिकट कटने पर आया हार्ट अटैक, तो कहीं फफक-फफक कर रोईं महिला नेता

महाराष्ट्र में 29 नगर निगमों के चुनाव को लेकर नामांकन दाखिल करने का आखिरी दिन समाप्त हो गया है। टिकट मिलने वालों में जहां उत्साह और जश्न देखने को मिला, वहीं बड़ी संख्या में ऐसे नेता और कार्यकर्ता भी सामने आए जिन्हें उम्मीदवारी से वंचित कर दिया गया।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Dec 30, 2025

maharashtra municipal election ticket controversy

वनिता बने अस्पताल में भर्ती, माधुरी मांजरेकर फफक-फफक कर रोईं (Patrika Photo)

महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं (नगर निगम) के लिए नामांकन का अंतिम दिन उम्मीदों, आंसुओं और भारी सियासी ड्रामे के नाम रहा। जहां एक ओर उम्मीदवारों ने शक्ति प्रदर्शन के साथ पर्चे दाखिल किए, वहीं टिकट कटने से नाराज नेताओं के सब्र का बांध भी टूटा। यहां तक की ठाणे के मीरा-भायंदर में एक दुखद घटना घटी, जहां बेटी का टिकट कटने के सदमे से मां को दिल का दौरा पड़ गया, तो मुंबई और जलगांव में महिला नेताओं के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।

भाजपा ने पत्ता काटा, पूर्व महिला अध्यक्ष को आया हार्ट अटैक

मीरा-भायंदर महानगरपालिका चुनाव में सबसे चौंकाने वाली खबर भाजपा खेमे से आई। यहां पूर्व महिला जिला अध्यक्ष वनिता बने की बेटी श्रद्धा बने को टिकट मिलने की पूरी उम्मीद थी। लेकिन ऐन वक्त पर उनका नाम कटने की खबर जैसे ही पूर्व महिला जिला अध्यक्ष वनिता बने तक पहुंची, उन्हें गहरा सदमा लगा और उन्हें दिल का दौरा (Heart Attack) पड़ गया। उन्हें तुरंत मीरा रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

फूट-फूटकर रोईं उद्धव गुट की नेता

मुंबई में उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) की निष्ठावान नेता माधुरी मांजरेकर का टिकट कटने से वह पूरी तरह टूट गई हैं। 35 वर्षों से संगठन से जुड़ी मांजरेकर ने रोते हुए अपना दर्द बयां किया। उन्होंने कहा, “2017 में भी मेरी बलि दी गई, मैंने पार्टी के लिए काम किया। इस बार खुद उद्धव जी ने मुझे चुनाव लड़ने को कहा था, लेकिन आखिरी समय पर मेरा वार्ड 178 (वडाला) मनसे के साथ गठबंधन में दे दिया गया।"

माधुरी ने भरे मन से कहा कि जब पार्टी में गद्दारी हुई, तब उन्होंने अपके वार्ड में 'मशाल' जलाए रखी, लेकिन आज उन्हें अपनी ही निष्ठा का फल आंसुओं के रूप में मिला है।

शरद गुट की नेता का फूटा गुस्सा, निर्दलीय लड़ने का ऐलान

जलगांव शहर महानगरपालिका में भी टिकट को लेकर रार सामने आई। शरद पवार की एनसीपी की इच्छुक उम्मीदवार कलाबाई शिरसाठ को जब पता चला कि उनके प्रभाग नंबर 10 की सीटें ठाकरे की शिवसेना (UBT) को दे दी गई हैं, तो वह अपने आंसू नहीं रोक पाईं। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने उन्हें 'एबी फॉर्म' नहीं दिया, इसलिए अब वह निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरेंगी।

जलगांव में ही कई इच्छुक उम्मीदवारों को टिकट नहीं दिया गया है। इससे नाराज उम्मीदवारों ने भाजपा के चुनाव प्रमुख विधायक सुरेश भोले का घेराव किया। सोलापुर में भी ऐसा ही नजारा दिखा।

बता दें कि पूरे महाराष्ट्र में 29 नगर निगमों के लिए आज नामांकन का आखिरी दिन था। टिकट कटने से नाराज कई दिग्गजों ने दूसरी पार्टी से या निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में पर्चा भरा है। अब पार्टी नेतृत्व के लिए इन बागियों को मनाना सबसे बड़ी चुनौती होगी। उम्मीदवार 2 जनवरी तक अपना नाम वापस ले सकते है। 3 जनवरी को अंतिम उम्मीदवार सूची और चुनाव चिन्ह जारी किए जाएंगे। मुंबई समेत राज्य की सभी नगर निगमों में 15 जनवरी 2026 को मतदान होगा, जबकि 16 जनवरी को मतगणना होगी।