महाराष्ट्र में महानगरपालिका चुनाव से पहले सत्ताधारी गठबंधन 'महायुति' के भीतर दरारें खुलकर सामने आने लगी हैं। महायुति में भाजपा, शिवसेना (एकनाथ शिंदे) और एनसीपी (अजित पवार) शामिल है।
पुणे और पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) और अजित पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के बीच सियासी टकराव खुलकर सामने आ गया है। महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण (Ravindra Chavan) ने उपमुख्यमंत्री अजित पवार द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों पर पलटवार किया।
रविंद्र चव्हाण ने कहा कि बीजेपी इन चुनावों में शहर के विकास के एजेंडे के साथ मैदान में उतरी है। बीजेपी राज्य और केंद्र, दोनों जगह सत्ता में है और इसी वजह से पुणे शहर में तेज रफ्तार विकास संभव हो पाया है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि अगर वे विकास की रफ्तार को बनाए रखना चाहते हैं, तो बीजेपी को सत्ता सौंपें।
दरअसल, यह विवाद तब शुरू हुआ जब उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने पिंपरी-चिंचवड नगर निगम में भाजपा के पिछले कार्यकाल पर भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन के गंभीर आरोप लगाए। पवार ने भाजपा शासन को लुटेरा गैंग तक कह दिया था।
इन आरोपों का जवाब देते हुए रवींद्र चव्हाण ने कहा, अजित पवार किसी बाहरी एजेंसी के इशारे पर स्क्रिप्टेड आरोप लगा रहे हैं। चव्हाण ने कहा कि आरोप लगाने से पहले अजित पवार को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। अगर भाजपा नेताओं ने मुंह खोला और पलटवार किया, तो उनके लिए बहुत मुश्किलें खड़ी हो जाएंगी।
रविंद्र चव्हाण ने सवाल उठाते हुए कहा कि अजित पवार को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह भ्रष्टाचार के आरोप किस पर लगा रहे हैं। क्या यह आरोप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर हैं या मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की राज्य सरकार पर। उन्होंने यह भी कहा कि यह देखना जरूरी है कि ऐसे आरोप ठीक उसी समय लगाए जा रहे हैं, जब नगर निकाय चुनाव सिर पर हैं।
चव्हाण ने कहा कि अगर अजित पवार इन आरोपों को लेकर गंभीर है तो बयानबाजी करने के बजाय किसी सरकारी एजेंसी से जांच करवानी चाहिए।
बीजेपी प्रमुख ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर एनसीपी ने आरोपों की राजनीति शुरू की, तो इसका नुकसान खुद उसे ही उठाना पड़ेगा। उन्होंने अजित पवार से अपील की कि वह सार्वजनिक मंच से इस तरह के आरोप लगाने से पहले सोचें।
रिपोर्ट्स के अनुसार, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने यह भी कहा कि सभी जानते हैं कि किन परिस्थितियों में अजित पवार भाजपा नीत गठबंधन में आए थे। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों ने इस गठबंधन का विरोध किया था और हमने निजी तौर पर देवेंद्र फडणवीस को भी अपनी चिंताओं से अवगत कराया था।
भले ही राज्य और केंद्र में भाजपा और अजित पवार की एनसीपी साथ हैं, लेकिन पिंपरी-चिंचवड सहित महाराष्ट्र के ज्यादातर महानगरपालिकाओं के चुनावों में दोनों दल सीधे आमने-सामने हैं। खास बात यह है कि PCMC चुनाव में अजित पवार ने शरद पवार गुट के साथ हाथ मिलाया है, जिससे भाजपा खेमे में नाराजगी और बढ़ गई है। राज्य में 29 महानगरपालिकाओं के लिए चुनाव 15 जनवरी को होंगे और मतगणना अगले दिन होगी।