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महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल: अमित शाह ने सुनेत्रा पवार से नहीं की मुलाकात, ‘पीके’ के कारण भाजपा और NCP में आई दरार?

BJP Vs NCP: महाराष्ट्र की राजनीति में भाजपा और एनसीपी के बीच मतभेद की चर्चा तेज है। जानकारी के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुंबई दौरे के दौरान उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार से मुलाकात नहीं की। इसके पीछे जन सुराज पार्टी के प्रमुख व भाजपा को बांकीपुर उपचुनाव में मात देने वाले प्रशांत किशोर को वजह माना जा रहा है।
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Aug 09, 2026
BJP NCP tension Prashant Kishor
सुनेत्रा अजित पवार और अमित शाह (Photo: IANS/File)

Sunetra Pawar Prashant Kishor Meeting: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर भाजपा और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के बीच सबकुछ ठीक नहीं होने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। रिपोर्ट्स के हवाले से दावा किया जा रहा है कि मुंबई के दो दिवसीय दौरे के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार से मुलाकात नहीं हुई। अमित शाह ने मुंबई दौरे के दौरान कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया, लेकिन सुनेत्रा पवार किसी में मौजूद नहीं रहीं, इसलिए इन अटकलों को और हवा मिल गई है। इस पूरे घटनाक्रम को जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर (पीके) की सुनेत्रा पवार से हालिया मुलाकात से जोड़कर देखा जा रहा है। हाल में प्रशांत किशोर ने सुनेत्रा पवार और उनके बेटे पार्थ पवार से मुंबई स्थित उपमुख्यमंत्री आवास पर मुलाकात की थी। रिपोर्टों के मुताबिक, इस मुलाकात से भाजपा नाखुश है। दरअसल पटना के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा को मात देकर प्रशांत किशोर ने बड़ी जीत हासिल की है। यह सीट पहले भाजपा के पास थी।

अमित शाह के मुंबई दौरे में नजर नहीं आईं सुनेत्रा पवार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार को मुंबई दौरे पर थे। उनके कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे समेत महायुति के कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। लेकिन एनसीपी प्रमुख व उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार इन कार्यक्रमों में कहीं नजर नहीं आईं। कहा जा रहा है कि पवार पुणे में थीं और शनिवार दोपहर तक वह पुणे में कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर रही थीं। इस वजह से अमित शाह के मुंबई दौरे के दौरान उनकी अनुपस्थिति को लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह के कयास लगाए जाने लगे।

रिपोर्ट्स के हवाले से दावा किया जा रहा है कि सुनेत्रा पवार ने अमित शाह से मुलाकात का समय मांगा था, लेकिन उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। हालांकि, केंद्रीय गृह मंत्री ने व्यक्तिगत रूप से मुलाकात से इनकार किया था या दोनों नेताओं के बीच मुलाकात का कार्यक्रम तय ही नहीं था, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।

प्रशांत किशोर की एंट्री से भाजपा क्यों नाराज?

सुनेत्रा पवार की गैरमौजूदगी के बीच सबसे ज्यादा चर्चा प्रशांत किशोर को लेकर हो रही है। हाल के दिनों में प्रशांत किशोर ने सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार से मुलाकात की है। यह कुछ महीनों में पवार परिवार के साथ उनकी दूसरी मुलाकात बताई जा रही है। इससे उनके एनसीपी के लिए राजनीतिक सलाहकार की भूमिका निभाने की अटकलें तेज हुई हैं।

रिपोर्टों के मुताबिक, प्रशांत किशोर और एनसीपी के बीच बातचीत को लेकर भाजपा के भीतर असहजता की चर्चा है। खास तौर पर किशोर के राजनीतिक रुख और भाजपा के साथ उनके पुराने टकराव को देखते हुए इस मुलाकात को अहम माना जा रहा है।

क्या महायुति में सबकुछ ठीक है?

प्रशांत किशोर की हाल में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेतृत्व से हुई मुलाकात से उसकी सहयोगी भाजपा के नाराज होने की चर्चा है। प्रशांत किशोर भाजपा के बेहद मुखर आलोचक रहे हैं और हाल ही में उन्होंने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को हराया था।

भाजपा नेता और राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा, “उन्हें अपनी पार्टी के भीतर फैसले लेने का पूरा अधिकार है। हालांकि, किसी को भी ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहिए जिससे संदेह या गलतफहमी पैदा हो या किसी तरह का नुकसान हो।”

उन्होंने आगे कहा, “हम सभी नेताओं की जिम्मेदारी है, चाहे वह हमारे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस हों, या दोनों उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार हों या हम सभी। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हम एक-दूसरे को कमजोर न करें। हमें टकराव से बचना चाहिए और मिलकर काम करना चाहिए। मुझे विश्वास है कि सुनेत्रा जी इस बात पर उचित विचार करेंगी।”

हालांकि, राज्य के कृषि मंत्री और सुनेत्रा पवार के करीबी माने जाने वाले दत्तात्रय भरणे ने भाजपा की नाराजगी को लेकर कहा कि चुनावी रणनीतिकार नियुक्त करना या किसी पेशेवर की सेवाएं लेना पार्टी का आंतरिक मामला है और इस पर भाजपा को नाराज होने की कोई वजह नहीं है।

दत्तात्रय भरणे ने कहा, “हम एक अलग राजनीतिक दल हैं, हालांकि महायुति गठबंधन का हिस्सा हैं। अगर हमारी पार्टी मजबूत होती है तो इससे पूरी महायुति ही मजबूत होगी। चूंकि प्रशांत किशोर हमारे चुनावी रणनीतिकार हैं, इसलिए भाजपा को वास्तव में इस फैसले का स्वागत करना चाहिए। इससे चुनाव में हमारी संभावनाएं बेहतर होंगी और परिणामस्वरूप हमारी सीटों की संख्या भी बढ़ सकती है।”

फडणवीस बोले- हमें पीके की जानकारी नहीं

वहीं, एनसीपी द्वारा प्रशांत किशोर को चुनावी रणनीतिकार नियुक्त किए जाने पर मुख्यमंत्री फडणवीस ने मीडिया से बातचीत में कहा, “हमें इस बात की जानकारी नहीं है कि हमारे सहयोगी दल ने उन्हें अपना राजनीतिक सलाहकार नियुक्त किया है। उन्होंने हमें इस तरह की किसी नियुक्ति के बारे में सूचित नहीं किया है।”

फिलहाल दोनों दल महायुति सरकार का हिस्सा हैं और सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र सरकार में उपमुख्यमंत्री हैं। ऐसे में उनकी गैरमौजूदगी और गृह मंत्री अमित शाह से कथित मुलाकात न होने की खबर ने राजनीतिक चर्चाओं को जरूर तेज कर दिया है। हालांकि, भाजपा या सुनेत्रा पवार की ओर से इस कथित नाराजगी को लेकर कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है।

Updated on:
09 Aug 2026 02:27 pm
Published on:
09 Aug 2026 02:25 pm