
Maharashtra Politics: पिछले कुछ दिनों से महाराष्ट्र की राजनीति में यह चर्चा तेज है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व दिल्ली बुला सकता है और उन्हें केंद्र सरकार में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। इन अटकलों के बीच मुख्यमंत्री की पत्नी अमृता फडणवीस ने पहली बार इस मुद्दे पर खुलकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वह खुद महाराष्ट्र में रहना चाहती हैं और देवेंद्र फडणवीस को भी महाराष्ट्र में ही रखेंगी।
शुक्रवार को पंढरपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान अमृता फडणवीस ने कहा, "हमें, मुझे महाराष्ट्र में ही रहना है। मैं देवेंद्रजी को महाराष्ट्र में ही रखूंगी।" उनके इस बयान के बाद मुख्यमंत्री के दिल्ली जाने की चर्चाओं को लेकर राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा शुरू हो गई है।
अमृता फडणवीस ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन और नीट परीक्षा पेपर लीक मामले पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि यदि आंदोलन का उद्देश्य पेपर लीक के खिलाफ है तो वह उचित है।
उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले में लगातार काम कर रही है और अब उसके परिणाम भी दिखाई देने लगे हैं। पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट, दोषियों के लिए कड़ी सजा और अन्य कानूनी बदलाव किए जा रहे हैं। छात्रों की मेहनत किसी भी कीमत पर बर्बाद नहीं होनी चाहिए और भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए सरकार आवश्यक कदम उठा रही है।
रविवार को मुंबई में होने वाले उद्धव और राज ठाकरे बंधुओं के संयुक्त मोर्चे पर भी अमृता फडणवीस ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं का किसी मुद्दे पर साथ आना सकारात्मक बात है। उन्होंने कहा, "वे साथ आकर कुछ कर रहे हैं, यह अच्छी बात है। इतने दिनों से वे अलग थे। इसे सकारात्मक नजरिए से देखा जाना चाहिए।"
अमृता फडणवीस ने जंतर-मंतर पर आंदोलन के दौरान हुई हिंसा की भी निंदा की। उन्होंने कहा, "जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ उपद्रवियों ने पुलिसकर्मियों पर हमला किया और कुछ युवाओं के साथ भी मारपीट की गई। यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। यह एक काला अध्याय था। अगर प्रदर्शन में शामिल लड़कियों के साथ कोई बदसलूकी हुई है, तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।"