Ashok Kharat Case: दुष्कर्म के आरोपी अशोक खरात मामले में अब सिर्फ राजनेता ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक अधिकारी भी जांच के घेरे में आते दिख रहे हैं। इस हाई-प्रोफाइल केस में मुंबई के उपजिलाधिकारी का तबादला कर दिया गया है।
महाराष्ट्र में सनसनी मचा देने वाले ढोंगी बाबा अशोक खरात (Ashok Kharat) मामले में अब जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। पहले इस केस की आंच राजनीति तक पहुंची थी और अब प्रशासनिक अधिकारी भी इसकी चपेट में आते नजर आ रहे हैं। इसी क्रम में मुंबई में उपजिलाधिकारी के पद पर कार्यरत अधिकारी अभिजीत भांडे पाटिल का तबादला कर दिया गया है। सरकार ने उनकी प्रतिनियुक्ति को तत्काल प्रभाव से समाप्त करते हुए उन्हें मंत्रालय भेजने के आदेश जारी किए हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सैकड़ों महिलाओं के यौन शोषण के आरोपों से घिरे अशोक खरात के मामले में कई प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आए हैं। इससे पहले राजनीतिक हलकों में भी हलचल मच चुकी है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने साफ तौर पर कहा है कि इस मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और सभी की जांच होगी। इसी कड़ी में अब प्रशासनिक अधिकारियों पर भी कार्रवाई शुरू हो गई है।
वरिष्ठ अधिकारी अभिजीत पाटिल पर कार्रवाई की मुख्य वजह अशोक खरात के साथ उनके कथित आर्थिक संबंध बताए जा रहे हैं। जांच में यह बात सामने आई है कि पाटिल ने खरात की पत्नी और बेटी के नाम पर खरीदी गई जमीनों में निवेश किया था। इतना ही नहीं, आरोप है कि खरात से जुड़े कई अन्य प्रोजेक्ट्स और बिजनेस में भी अधिकारी का पैसा लगा हुआ है।
इस कार्रवाई के बाद अन्य संबंधित राजस्व अधिकारियों में भी डर का माहौल बताया जा रहा है। क्योंकि जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है और उनसे भी पूछताछ होने की संभावना है।
इस मामले ने पहले ही महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल ला दिया है। एनसीपी (सुनेत्रा पवार) की नेता रूपाली चाकणकर को राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना पड़ा था। बताया गया कि वे अशोक खरात से जुड़े एक ट्रस्ट की डायरेक्टर थीं। अब इस मामले में उनकी भी जांच होने की संभावना है।
गौरतलब है कि नासिक के स्वयंभू बाबा अशोक खरात की गिरफ्तारी के बाद रूपाली चाकणकर की खरात के साथ कई तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें रूपाली चाकणकर अशोक खरात के साथ दिखाई दे रही है। एक वीडियो में रूपाली चाकणकर को अशोक खरात के पैरों की पूजा करते हुए दिख रही हैं। इसके अलावा कुछ अन्य वीडियो में खरात की तारीफ करती हुई नजर आ रही हैं। इन वीडियो के सामने आने के बाद रूपाली चाकणकर के इस्तीफे की मांग उठने लगी थी।
इस्तीफा देने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए रूपाली चाकणकर ने कहा था, "मेरा पूरा परिवार वारकरी परंपरा को मानता है, इसीलिए हम खरात के ट्रस्ट से जुड़े हुए थे। हालांकि, मुझे उनके दूसरे पहलू के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। कोई यह कैसे जान सकता है कि भविष्य में कोई व्यक्ति क्या करेगा या कैसे व्यवहार करेगा। उन्होंने कहा कि कई लोगों की खरात के साथ तस्वीरें हैं लेकिन मुझे इस बात से दुख होता है कि मुझे खास तौर पर निशाना बनाया जा रहा है और मुझ पर महिला होने के नाते आरोप लगाए जा रहे हैं।"