
अशोक खरात मामले में वडेट्टीवार की बड़ी मांग (Photo: Video Grab)
महाराष्ट्र में स्वयंभू बाबा अशोक खरात पर लगे बलात्कार, नर बलि और काला जादू के आरोपों की जांच एसआईटी (SIT) ने तेज कर दी है। 'कैप्टन' के नाम से मशहूर अशोक खरात के ट्रस्ट से जुड़े ईशानेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी और चौकीदार से पूछताछ की गई है। अब तक तीन पीड़ित महिलाओं ने खरात के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। यह मामला आज महाराष्ट्र विधानसभा के बजट सत्र में भी खूब गूंजा। विपक्ष ने इस मुद्दे पर आक्रामक रुख अपनाया और सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री विजय वडेट्टीवार ने एक बड़ा और चौंकाने वाला बयान दिया, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है।
विजय वडेट्टीवार ने मांग की कि जो लोग अशोक खरात के संपर्क में आए हैं, उनकी एचआईवी जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले में सामने आए वीडियो और अन्य सबूतों के आधार पर सभी संबंधित लोगों की पहचान कर जांच करना जरूरी है।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों के नाम या चेहरे वीडियो क्लिप में सामने आए हैं, उनके मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की भी गहनता से जांच की जानी चाहिए, ताकि खरात के सारे काले कारनामे सामने आ सके।
वडेट्टीवार ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते जांच नहीं की गई, तो यह मामला एक गंभीर स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि HIV संक्रमण फैलने का खतरा है, जिससे कई लोगों की जान भी जा सकती है।
विपक्ष का आरोप है कि इस ढोंगी बाबा के संपर्क में कई बड़े नेता, अधिकारी और प्रभावशाली लोग थे, जिसकी वजह से मामले को दबाने की कोशिश हो सकती है। अशोक खरात को बुधवार को एक महिला का तीन साल तक बलात्कार करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
आईपीएस की अधिकारी तेजस्विनी सतपुते के नेतृत्व वाली एसआईटी ने खरात के कार्यालय के एक कर्मचारी से 7 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की। एसआईटी (SIT) की जांच में अब तक 100 से भी अधिक वीडियो बरामद होने की खबर है। पुलिस ने उसके ठिकानों से हथियार, नकदी और बड़ी संख्या में संपत्ति संबंधी दस्तावेज भी बरामद किए हैं।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि अशोक खरात मामले में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के नेतृत्व में उच्चस्तरीय जांच चल रही है और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। सीएम फडणवीस ने कहा कि पुलिस ने खुफिया जानकारी के आधार पर इस मामले का पर्दाफाश किया और डीजीपी को जांच की निगरानी करने के लिए कहा गया है। जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने अपील की कि जिनके पास अपने आरोपों को साबित करने के लिए सबूत हैं, उन्हें पुलिस के पास आना चाहिए।
Updated on:
23 Mar 2026 06:17 pm
Published on:
23 Mar 2026 06:17 pm
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