महाराष्ट्र के नासिक जिले के स्वयंभू बाबा अशोक खरात पर कानूनी शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। अभी विभिन्न जांच एजेंसियां खरात के खिलाफ दर्ज 12 मामलों की जांच कर रही हैं, लेकिन यह संख्या जल्द ही बढ़ने वाली है। हाल ही में 11 और पीड़ित महिलाएं सामने आई हैं और उन्होंने अशोक खरात के […]
महाराष्ट्र के नासिक जिले के स्वयंभू बाबा अशोक खरात पर कानूनी शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। अभी विभिन्न जांच एजेंसियां खरात के खिलाफ दर्ज 12 मामलों की जांच कर रही हैं, लेकिन यह संख्या जल्द ही बढ़ने वाली है। हाल ही में 11 और पीड़ित महिलाएं सामने आई हैं और उन्होंने अशोक खरात के खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है। इन नई शिकायतों के बाद इस पूरे मामले ने और भी गंभीर मोड़ ले लिया है। इस बीच, अदालत ने खरात को बलात्कार के दूसरे मामले में 21 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
अशोक खरात के काले कारनामों का पर्दाफाश होने के बाद विशेष जांच दल (SIT) ने पीड़ित महिलाओं को बिना डरे शिकायत दर्ज कराने के लिए एक विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी किया था। इसका व्यापक असर देखने को मिल रहा है और शिकायतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पुलिस का मानना है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, पीड़ितों की संख्या में और भी इजाफा हो सकता है।
अब तक दर्ज हुए 12 मामलों में से 8 मामले सीधे तौर पर महिलाओं के यौन शोषण से संबंधित हैं, जबकि 4 मामलों में आर्थिक धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए हैं। अब 11 नई पीड़ित महिलाओं द्वारा दी गई शिकायत से खरात की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन कड़े कदम उठा रहा है ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके और पाखंडी को कड़ी सजा दिलाई जा सके।
पीड़ित महिलाओं ने अपने बयानों में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। शिकायतों के अनुसार, अशोक खरात महिलाओं को सारे कष्ट दूर करने, शरीर शांति देने जैसे दावे कर उन्हें अपने जाल में फंसाता था। आरोप है कि इसी बहाने वह महिलाओं का शारीरिक और मानसिक शोषण करता था। यह एक सोची-समझी साजिश के तहत किया जाता था, जिसमें आस्था की आड़ लेकर खरात अपराध को अंजाम देता था।
अशोक खरात केवल यौन शोषण तक ही सीमित नहीं था, बल्कि वह पीड़ितों को डराने-धमकाने का काम भी करता था। जांच में खुलासा हुआ है कि अशोक खरात पीड़िताओं को ब्लैकमेल कर पैसे भी ऐंठता था। साथ ही उन्हें दैवीय शक्ति और तंत्र-मंत्र का डर दिखाकर उनके साथ दुष्कर्म भी करता। जब कोई महिला उसके खिलाफ आवाज उठाने की कोशिश करती, तो उनके परिवार के सदस्यों को जान से मारने की धमकियां दी जाती। इसी डर के कारण कई पीड़ित महिलाएं वर्षों तक चुप रहीं, लेकिन अब पर्दाफाश होने के बाद वे न्याय की गुहार लगा रही हैं।
एसआईटी ने बुधवार को दूसरे रेप मामले में खरात की पुलिस हिरासत खत्म होने के चलते उसे नासिक कोर्ट के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बी एन इचपुरानी की अदालत में पेश किया। सुनवाई के दौरान जब अदालत ने खरात से उसका नाम पूछा, तो उसने हाथ जोड़कर अपना नाम बताया। एसआईटी ने रिमांड रिपोर्ट पेश की और मामले में उसकी न्यायिक हिरासत मांगी। इसके बाद अदालत ने उसे 21 अप्रैल तक 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
हालांकि, एसआईटी आज अशोक खरात को अदालत में पेश करेगी और तीसरे यौन उत्पीड़न मामले में उसकी हिरासत की मांग करेगी। तब तक खरात नासिक रोड केंद्रीय जेल में रहेगा।