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‘मेरे पास दैवीय शक्ति, बात मान लो नहीं तो…’, अशोक खरात कांड पर SIT का बड़ा खुलासा

Ashok Kharat: एसआईटी की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस पूरे मामले में नए खुलासे हो रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपों की गहराई से जांच की जा रही है और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Apr 08, 2026

Ashok Kharat SIT big reveal

अशोक खरात कांड पर SIT का बड़ा खुलासा

महिलाओं के यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार स्वयंभू धर्मगुरु और ज्योतिषी अशोक खरात को लेकर जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) के अनुसार, अशोक खरात महिलाओं को अपने प्रभाव में लेने के लिए खुद के पास ‘दिव्य शक्ति’ होने का दावा करता था। वह पीड़ित महिलाओं को मानसिक रूप से डराता और यह विश्वास दिलाता कि उसकी बात न मानने पर उन्हें जानमाल का नुकसान हो सकता है।

मौत की धमकी देकर महिलाओं का किया रेप

एसआईटी ने खरात के खिलाफ दर्ज मामलों की जांच के लिए 24-सदस्यीय विशेष दल का गठन किया है। एसआईटी की जांच में यह भी सामने आया है कि खरात ने अंधविश्वास और भय का माहौल बनाकर महिलाओं के साथ बार-बार बलात्कार किया। वह कथित रूप से धार्मिक आस्था का सहारा लेकर महिलाओं को बहलाता-फुसलाता और फिर उनके साथ दुष्कर्म करता था।

खरात ने पीड़ित महिलाओं को डराया कि अगर वे उसकी बात नहीं मानेंगी तो उसकी दैवीय शक्तियों के प्रभाव से उनके परिवार के सदस्यों की मौत हो जाएगी। वह महिलाओं को ब्लैकमेल भी करता था। पीड़ित महिलाओं का यौन शोषण करने के अलावा, वह उनसे पैसे भी ऐंठता था।

जांच के मुताबिक, महिलाओं को झांसे में लेने के लिए पाखंडी अनुष्ठान का सहारा लेता था और डराने-धमकाने तथा ‘दिव्य आह्वान’ के लिए पत्थर और इमली के बीज जैसी वस्तुओं का इस्तेमाल करता था।

30 गवाहों और पीड़ितों के बयान दर्ज

एसआईटी की प्रमुख आईपीएस तेजस्वी सतपुते (IPS Tejaswi Satpute) के मुताबिक, अब तक 30 गवाहों और पीड़ितों के बयान दर्ज किए गए हैं। अब तक की पूछताछ में यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपी अशोक खरात ने पीड़ितों और उनके परिवारों की आस्था का फायदा उठाया। वह पीड़ित के परिवार के सदस्यों में किसी की मौत होने का भय दिखाता और पत्थर, इमली के बीज जैसी चीजों का इस्तेमाल करके अनुष्ठान करता। पीड़ितों से पैसे वसूलता, उनका यौन शोषण करता था।

उन्होंने बताया कि अशोक खरात ने दैवीय शक्तियों के होने का ढोंग रचकर समाज में अंधविश्वास फैलाया। ईडी उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन और संपत्तियों की जांच कर रही है। एसआईटी भी वित्तीय धोखाधड़ी के एक अन्य मामले की जांच कर रही है।

SIT ने हटाए आपत्तिजनक वीडियो के 4650 लिंक

आईपीएस तेजस्वी सतपुते ने कहा, एसआईटी की साइबर टीम ने पीड़ितों के आपत्तिजनक वीडियो से संबंधित 4,650 लिंक हटा दिए हैं, जिन्हें विभिन्न सोशल मीडिया मंच पर अपलोड किया गया था। सोशल मीडिया पर बार-बार आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने वाले 451 खातों को डिलीट कर दिया गया है। पुलिस ने आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित करने के संबंध में दो मामले दर्ज किए और 6 लोगों को गिरफ्तार किया है।

खरात के काम करने के तौर-तरीके के बारे में सतपुते ने बताया कि वह दिव्य शक्तियों का दावा करके महिलाओं का यौन शोषण करता था और यदि वे उसकी बात नहीं मानती थीं तो उन्हें मौत की धमकी देता था या उनके परिवार के सदस्यों को बदनाम करने की धमकी देता था। आरोपपत्र दाखिल करने और जांच की प्रक्रिया 60 दिनों के भीतर पूरी की जाएगी।

अशोक खरात फिलहाल पुलिस हिरासत में है। उसके खिलाफ अहिल्यानगर और नासिक शहर में 12 मामले दर्ज हैं, जिनमें से 8 महिलाओं के यौन उत्पीड़न से जुड़े हैं। अशोक खरात की पत्नी कल्पना खरात और बेटा हर्षवर्धन खरात फरार बताये जा रहे हैं।

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