मुंबई

तुम्हारा आधार कार्ड आतंकी ने इस्तेमाल किया… ATS अफसर बनकर मैनेजर से ठगे 89 लाख, 12 दिन तक घर में रखा कैद

Digital Arrest Case: नासिक में साइबर ठगों ने मुंबई ATS अधिकारी बनकर वाहन कंपनी के मैनेजर को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाया और करीब 90 लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने पीड़ित को आतंकवाद मामले में फंसाने की धमकी दी थी।
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Aug 30, 2026
Mumbai ATS Fake Officer Scam
‘डिजिटल अरेस्ट’ का खौफ दिखाकर 90 लाख की ठगी (AI Image)

Digital Arrest Cyber Fraud case: महाराष्ट्र के नासिक शहर (Nashik News) में साइबर ठगी का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। साइबर अपराधियों ने मुंबई आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) का अधिकारी बनकर एक नामी वाहन निर्माता कंपनी के मैनेजर को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाया और उनसे करीब 90 लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने पीड़ित को कथित तौर पर अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसाने की धमकी दी और लगातार 12 दिनों तक उन्हें अपने ही घर में कैद रखा।

पुलिस के मुताबिक, साइबर ठगों ने मैनेजर से संपर्क कर दावा किया कि उनके आधार का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों के लिए किया गया है। आरोपियों ने डराने के लिए यह भी कहा कि उनका आधार कार्ड आतंकवादी आदिल गौरी कर रहा था और उसने जम्मू में एक फर्जी बैंक खाता खोला, जिसमें आतंकी फंडिंग हुई है।

12 दिन तक घर में ही रखा ‘डिजिटल अरेस्ट’

आरोपियों ने मैनेजर को इतना डरा दिया कि वह उनकी बातों में आ गया। साइबर ठगों ने 17 अगस्त से 28 अगस्त तक करीब 12 दिनों तक मैनेजर को उनके ही घर में कैद कर रखा। इस दौरान आरोपियों ने खुद को जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर लगातार निगरानी का माहौल बनाया। उन्हें कथित तौर पर आरबीआई जांच का डर भी दिखाया और कहा कि अगर वह कानूनी कार्रवाई से बचना चाहते हैं तो अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा करें।

पीड़ित ने ट्रांसफर किये 89.99 लाख रुपये

जांच और कार्रवाई से बचने के झांसे में आकर मैनेजर ने साइबर अपराधियों के कहने पर कुल 89 लाख 99 हजार रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। पुलिस के अनुसार, रकम खातों में पहुंचते ही आरोपियों ने उसे दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया। इस तरह साइबर अपराधियों ने पैसे को कई खातों में घुमाकर ठगी की।

पीड़ित ने पुलिस से की शिकायत

ठगी का अहसास होने के बाद पीड़ित मैनेजर ने पुलिस से संपर्क किया और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

इस साइबर ठगी की जांच वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुशील कोल्हे के मार्गदर्शन में की जा रही है। पुलिस आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और लेनदेन की कड़ियों की जांच कर रही है।

‘घबराएं नहीं, रहें सावधान'

नासिक का यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि साइबर ठग डर और सरकारी एजेंसियों के नाम का इस्तेमाल करके किस तरह लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के फोन पर खुद को पुलिस, एटीएस, सीबीआई, आईटी या किसी अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर धमकाने पर घबराएं नहीं। इस तरह के फोन साइबर ठग के हो सकते हैं। किसी भी संदिग्ध कॉल या धमकी की स्थिति में तुरंत पुलिस या साइबर विभाग से संपर्क करें।

Updated on:
30 Aug 2026 03:52 pm
Published on:
30 Aug 2026 03:25 pm