भाजपा ने महाराष्ट्र से राज्यसभा चुनाव के लिए चार उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) प्रमुख शरद पवार समेत राज्य के 7 राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल में समाप्त हो रहा है।
महाराष्ट्र की सात सीटों पर 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा (BJP) ने अपने चार उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। पार्टी ने केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले, वरिष्ठ नेता विनोद तावड़े, माया चिंतामण इवनाते और रामराव वडकुते को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है। आज घोषित उम्मीदवारों में पार्टी ने दलित, आदिवासी, मराठा और धनगर समुदाय के नेताओं को मौका दिया है। माना जा रहा है कि इससे बीजेपी राज्य में विभिन्न समाजों के बीच अपना राजनीतिक आधार और मजबूत करना चाहती है।
भाजपा की इस सूची में जातिगत समीकरणों और 'सोशल इंजीनियरिंग' का खास ख्याल रखा गया है। इन चेहरों के जरिये पार्टी ने राज्य के विभिन्न वर्गों को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया है। पार्टी ने नागपुर की प्रमुख आदिवासी महिला नेता माया चिंतामण इवनाते को उम्मीदवार बनाकर आदिवासी समुदाय को साधने की कोशिश की है। वहीं, धनगर समाज के कद्दावर नेता रामराव वडकुते को मौका देकर मराठवाड़ा और धनगर वोट बैंक पर अपनी पकड़ मजबूत करने का संदेश दिया है।
विनोद तावड़े के रूप में भाजपा ने एक कद्दावर मराठा चेहरे को राज्यसभा भेजने का निर्णय लिया है, जो वर्तमान में दिल्ली की राजनीति में भी सक्रिय हैं। उनके साथ ही दलित राजनीति के बड़े चेहरे और आरपीआई (RPI) प्रमुख रामदास आठवले को फिर से उम्मीदवार बनाया गया है। पार्टी ने इस बार भी 'मराठा-दलित' कॉम्बिनेशन को दोहराया है।
बता दें कि अप्रैल में एनसीपी (एसपी) के प्रमुख शरद पवार, शिवसेना (उबाठा) नेता प्रियंका चतुर्वेदी, एनसीपी (एसपी) की फौजिया खान, आरपीआई (आठवले) के रामदास आठवले, भाजपा के भागवत कराड, कांग्रेस की रजनी पाटिल और एनसीपी (अजित पवार) के धैर्यशील पाटिल का राज्यसभा कार्यकाल समाप्त हो जाएगा।
भाजपा नीत सत्तारूढ़ महायुति के पक्ष में भारी बहुमत को देखते हुए विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाडी (MVA) संसद के ऊपरी सदन और विधान परिषद में केवल एक सदस्य को निर्वाचित कराने में सफल हो सकती है।
हालांकि, एमवीए के तीनों घटक दल उद्धव ठाकरे की शिवसेना (उबाठा), कांग्रेस और शरद पवार की एनसीपी (एसपी) ने इस इकलौती सीट पर अपना दावा पेश किया है। शिवसेना (उबाठा) के पास 20 विधायक हैं, उसके बाद कांग्रेस के पास 16 और राकांपा (एसपी) के पास 10 विधायक हैं।
महाराष्ट्र विधानसभा में भारी बहुमत के कारण भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति को सात में से छह सीटें मिलना तय माना जा रहा है। अब बीजेपी की ओर से राज्यसभा चुनाव के लिए चार उम्मीदवारों के नाम सामने आने के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और अब सबकी नजरें विपक्षी गठबंधन एमवीए पर टिकी हैं।