मुंबई प्रचार के दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं ने अपनी ही सहयोगी पार्टी शिवसेना के खिलाफ '50 खोके एकदम ओके' के नारे लगाए। इस घटना पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने प्रतिक्रिया दी है।
महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं के लिए 15 जनवरी को होने वाले मतदान से पहले मुंबई का राजनीतिक माहौल गरमाता जा रहा है। इसी बीच भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा लगाए गए ‘50 खोके (करोड़) एकदम ओके’ के नारों ने सत्ताधारी महायुति गठबंधन में असहज स्थिति पैदा कर दी है। अब तक यह नारा उद्धव ठाकरे की शिवसेना (उबाठा) द्वारा शिंदे गुट पर तंज कसने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। लेकिन अब यही नारा एकनाथ शिंदे की शिवसेना के खिलाफ भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से लगाया गया है। इस पर शिंदे गुट ने कड़ी नाराजगी जताई है।
मुंबई के चेंबूर के वॉर्ड नंबर 173 में बीजेपी की शिल्पा केलूस्कर (Shilpa Keluskar) और शिंदे सेना की पूजा कांबले (Pooja Kamble) के बीच 'फ्रेंडली' मुकाबला है। प्रचार के दौरान जब दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता आमने-सामने आए, तो बीजेपी कार्यकर्ताओं ने माइक पर जोर-जोर से '50 खोके एकदम ओके' के नारे लगाने शुरू कर दिए। जिससे विवाद खड़ा हो गया। इससे शिंदे गुट के कार्यकर्ता बेहद नाराज हो गए, क्योंकि यह नारा सीधे तौर पर उनकी पार्टी की छवि पर दाग लगाने वाला था।
इस पूरे विवाद पर उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने सधा हुआ बयान दिया है। उन्होंने कहा, "मुझे नहीं पता कि किन कार्यकर्ताओं ने क्या नारेबाजी की है। लेकिन शिवसेना और बीजेपी मुंबई में पूरी ताकत के साथ मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं।"
वहीँ, शिंदे गुट के कद्दावर नेता और मंत्री संजय शिरसाट ने बीजेपी कार्यकर्ताओं को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, "ऐसे नारे लगाने से पहले एक बार मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से पूछ लीजिए। ऐसे नारे लगाने वाले आज कहां गायब हो गए हैं, एक बार पता कर लें।"
हैरानी की बात यह है कि प्रचार के दौरान नारेबाजी करने वाले बीजेपी के दत्ता केलूस्कर ने कहा कि उनसे नारे लगाने में शब्दों की गलती हो गई। उन्होंने दावा किया कि कांबले की घोषित संपत्ति को देखें तो ‘50 खोके’ नहीं बल्कि ‘11 खोके एकदम ओके’ कहना चाहिए था। उनके पास इतनी संपत्ति कहां से आई? उन्होंने यह भी कहा कि यह नारा किसी पार्टी (शिवसेना) के खिलाफ नहीं, बल्कि व्यक्तिगत तौर पर सिर्फ पूजा कांबले और उनके पति रामदास कांबले के लिए था। उन्होंने मेरा टिकट चुराया, वह उद्धव ठाकरे की पार्टी छोड़कर शिंदे गुट में शामिल हो गए और उन्हें मेरा टिकट मिल गया।
गौरतलब है कि मुंबई महानगरपालिका (BMC Election) सहित महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं के लिए 15 जनवरी को मतदान होना है, जबकि 16 जनवरी को मतगणना की जाएगी।