
शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे (Photo: X/@mieknathshinde)
Operation Tiger Shiv Sena: महाराष्ट्र विधान परिषद (MLC) चुनाव के नतीजों के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर तीखा हमला बोला है। नासिक सीट पर महायुति उम्मीदवार की करारी हार को लेकर रोहित पवार ने 'ऑपरेशन टाइगर' का जिक्र करते हुए कहा कि जो खुद को शिकारी समझ रहे थे, अब वही शिकार बन गए।
नासिक जिला स्थानीय निकाय क्षेत्र की एमएलसी सीट पर भाजपा के बागी और निर्दलीय उम्मीदवार गोकुल गीते की जीत के बाद रोहित पवार ने शिंदे सेना पर कटाक्ष किया है। कर्जत से विधायक पवार ने कहा कि चुनाव परिणामों ने 'ऑपरेशन टाइगर' की हकीकत सामने ला दी है।
रोहित पवार ने कहा, "कल तक एकनाथ शिंदे 'ऑपरेशन टाइगर' की बात कर रहे थे, लेकिन नासिक के नतीजों को देखें तो ऐसा लगता है कि शिकारी ‘टाइगर’ ही शिकार हो गया।"
उन्होंने दोहराते हुए कहा कि हाल के राजनीतिक घटनाक्रम और नासिक चुनाव परिणाम यह दिखाते हैं कि जिस अभियान को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जा रहे थे, उसी के बीच शिंदे को यह झटका लगा है।
गौरतलब हो कि विधान परिषद चुनाव में जहां महायुति ने राज्यभर में शानदार प्रदर्शन करते हुए 17 में से 16 सीटों पर जीत दर्ज की, वहीं नासिक सीट उसके लिए सबसे बड़ी परेशानी बन गई। यहां शिवसेना (शिंदे गुट) के आधिकारिक उम्मीदवार नरेंद्र दराडे को हार का सामना करना पड़ा।
नासिक से निर्दलीय उम्मीदवार और भाजपा के बागी नेता गोकुल गीते ने जीत हासिल कर सभी को चौंका दिया।
18 जून को महाराष्ट्र विधान परिषद की 17 सीटों के लिए मतदान हुआ था। इनमें से छह सीटों पर महायुति उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके थे। आज आये नतीजों के अनुसार, भाजपा ने सबसे ज्यादा 17 में से अकेले ही 11 सीटों पर जीत दर्ज की है। शिवसेना (शिंदे गुट) को तीन सीटें मिलीं, जबकि सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी को दो सीटों पर सफलता मिली। नासिक एकमात्र ऐसी सीट रही, जहां महायुति का आधिकारिक उम्मीदवार चुनाव नहीं जीत सका।
पिछले कुछ दिनों से महाराष्ट्र की राजनीति में 'ऑपरेशन टाइगर' की काफी चर्चा रही है। इसे शिवसेना (यूबीटी) के नौ में से छह सांसदों के शिंदे गुट में शामिल कराने की राजनीतिक कवायद के रूप में देखा जा रहा है।
ऐसे में नासिक में महायुति उम्मीदवार की हार के बाद विपक्ष को सरकार और शिंदे गुट पर हमला बोलने का नया मौका मिल गया है।
विपक्ष ही नहीं सत्तारूढ़ महायुति में शामिल शिवसेना की एमएलसी मनीषा कायंदे ने भी सवाल उठाते हुए कहा, नतीजे को लेकर गंभीर संदेह हो रहा है, क्योंकि हमें आश्वासन दिया गया था कि हमारे उम्मीदवार का समर्थन किया जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ और अधिकतर स्थानीय प्रतिनिधियों ने गीते के पक्ष में मतदान किया है, जिससे दराडे हार गए।
भाजपा के बागी प्रत्याशी गोकुल गीते ने 357 वोट हासिल किए जबकि शिवसेना के उम्मीदवार नरेंद्र दराडे को 248 वोट मिले। इस तरह उन्होंने 109 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। उनकी यह जीत इसलिए भी चौंकाने वाली मानी जा रही है, क्योंकि उन्होंने वोट मांगने के लिए प्रचार तक नहीं किया था।
Updated on:
22 Jun 2026, 5:04 PM IST
Published on:
22 Jun 2026, 5:04 PM IST
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