भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) के गठबंधन में अब केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले की रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (RPI) की भी एंट्री हो गई है।
मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनावों को लेकर महायुति (Mahayuti) गठबंधन के अंदर चल रहा तनाव आखिरकार खत्म होता दिख रहा है। रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (RPI) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले की नाराजगी के बाद, भाजपा और एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने उन्हें गठबंधन में शामिल करने का फैसला लिया है।
बीएमसी चुनाव के लिए भाजपा-शिवसेना ने गठबंधन किया, लेकिन सत्तारूढ़ महायुति का हिस्सा होने के बावजूद आरपीआई को एक भी सीट नहीं दी, जिससे नाराज होकर अठावले ने 39 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया। स्थिति को संभालने के लिए भाजपा ने मोर्चा संभाला और अठावले को मनाने का प्रयास शुरु किया। इसी क्रम में बुधवार को अठावले ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात की। जिसके बाद नए सीट शेयरिंग फॉर्मूले पर मुहर लगने की खबर है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरपीआई को भाजपा-शिवसेना ने 12 सीटें ऑफर की हैं। इसमें भाजपा अपने कोटे से 6 सीटें और शिवसेना (शिंदे गुट) अपने कोटे से 6 सीटें अठावले की पार्टी के लिए छोड़ेंगी। आरपीआई की एंट्री के बाद अब मुंबई की 227 सीटों पर महायुति का समीकरण बदल गया है। भाजपा जो पहले 137 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली थी वह अब 131 सीटों पर लड़ेगी। जबकि एकनाथ शिंदे की शिवसेना 90 की बजाय अब 84 सीटों पर लड़ेगी। फिलहाल इसकी अधिकारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है। भले ही नामांकन का आखिरी दिन बीत चुका है, लेकिन नामांकन वापस करवाने का समय अभी बाकि है।
बता दें कि 29 दिसंबर को जब भाजपा (137) और शिवसेना (90) के बीच सीटों का बंटवारा फाइनल हुआ था, तब आरपीआई ने उसे पूरी तरह नजरअंदाज करने का आरोप लगाया था। केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने इसे विश्वासघात करार दिया था। हालांकि, अब वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत होता दिख रहा है।
सीएम फडणवीस से मुलाकात के बाद अठावले ने कहा, "आरपीआई का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिला और उन्होंने आरपीआई की शिकायतों को दूर करने की कोशिश की। हमने उन्हें 17 सीटों की एक लिस्ट दी है और हमने उनसे कहा है कि हमें उस लिस्ट में से 5-6 सीटें मिलनी चाहिए।“
आरपीआई प्रमुख ने कहा, “हमारी बैठक अच्छी रही। फडणवीस ने हमें बताया कि एकनाथ शिंदे की शिवसेना के साथ उनकी बातचीत में काफी समय लगा, जिसकी वजह से RPI के साथ बातचीत में देरी हुई।“
अठावले ने कहा, “हमने उन्हें अपनी मांगों की लिस्ट दी है और मांग की है कि आरपीआई को एक एमएलसी सीट मिलनी चाहिए, जब महाराष्ट्र में राज्य निगमों में नियुक्तियां होंगी, तो आरपीआई को दो चेयरमैन पद, एक या दो वाइस-चेयरमैन पद और 50-60 सदस्य मिलने चाहिए। इसके साथ ही और आने वाले जिला परिषद और पंचायत चुनावों में आरपीआई को हर जिले में कुछ सीटें दी जानी चाहिए... हमने उन्हें अपनी मांगों का पत्र दे दिया है और उन्होंने हमें आश्वासन दिया है कि चुनाव के बाद जब नियुक्तियां होंगी, तो आरपीआई की मांगों पर उचित विचार किया जाएगा।“
गौरतलब हो कि देश की सबसे अमीर महानगरपालिका बीएमसी (बृहन्मुंबई महानगरपालिका) की कुल 227 वार्डों (सीटों) के लिए चुनाव 15 जनवरी को होंगे और वोटों की गिनती 16 जनवरी की जाएगी। इससे पहले प्रचार का शोर 13 जनवरी की शाम थमेगा।