Mumbai BMC Election Exit Poll: एग्जिट पोल में भाजपा और एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना के गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिलने का अनुमान जताया गया है। वहीं उद्धव और राज ठाकरे के लिए यह चुनाव बड़ा झटका साबित हो सकता है।
मुंबई महानगरपालिका (BMC) के लिए मतदान संपन्न होते ही एग्जिट पोल के आंकड़े सामने आ गए हैं। इन आंकड़ों ने महाराष्ट्र की राजनीति में खलबली मचा दी है। एक्सिस माय इंडिया, जनमत और रुद्र रिसर्च के एग्जिट पोल के अनुसार, मुंबई में भाजपा और एकनाथ शिंदे की शिवसेना को स्पष्ट बहुमत मिलता दिख रहा है, जबकि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उबाठा) को जबरदस्त झटका लग सकता है।
देश की सबसे अमीर नगर निकाय बृहन्मुंबई महानगरपालिका यानी बीएमसी समेत महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं के लिए गुरुवार शाम 5.30 बजे मतदान संपन्न हो गया। राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त दिनेश वाघमारे के अनुसार कुल मतदान 46 से 50 प्रतिशत के बीच रहा, जो 2017 के चुनावों से अधिक है। आयोग के आंकड़ों के मुताबिक दोपहर 3.30 बजे तक 41.13 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ था, जिसमें कोल्हापुर (50.85 प्रतिशत) सबसे आगे रहा। मुंबई (41.08 प्रतिशत), पुणे (36.95 प्रतिशत), नागपुर (41.23 प्रतिशत), नासिक (39.64 प्रतिशत) और छत्रपति संभाजीनगर (43.67 प्रतिशत) में भी संतोषजनक मतदान हुआ। मतगणना शुक्रवार सुबह 10 बजे शुरू होगी और शाम तक नतीजे आने की उम्मीद है।
'एक्सिस माय इंडिया' के सर्वे के मुताबिक, 227 सीटों वाली बीएमसी में महायुति क्लीन स्वीप की ओर बढ़ रही है। बीएमसी की सत्ता पाने के लिए 114 सीटों की जरुरत है।
भाजपा-शिंदे सेना गठबंधन: 131 से 151 सीटें
उद्धव-राज ठाकरे गठबंधन: 58 से 68 सीटें
कांग्रेस और वंचित गठबंधन: 12 से 16 सीटें
'जनमत' के एग्जिट पोल के अनुसार, मुंबई की सत्ता पर पिछले 25 वर्षों से काबिज ठाकरे परिवार का किला ढहता नजर आ रहा है।
भाजपा + शिंदे की शिवसेना गठबंधन: 138 सीटें
उद्धव ठाकरे + राज ठाकरे गठबंधन: 59 सीटें
कांग्रेस + वंचित बहुजन आघाडी गठबंधन: 23 सीटें
अन्य: 07 सीटें
वोट शेयर में भी भाजपा अव्वल- वोट प्रतिशत के मामले में भी भाजपा-शिवसेना गठबंधन 42-45% के साथ सबसे आगे है। इसके बाद ठाकरे-मनसे गठबंधन को 34-37% और कांग्रेस-वंचित गठबंधन को 13-15% वोट मिलने का अनुमान है। अन्य को 6-8% वोट मिल सकते हैं।
जेवीसी एग्जिट पोल के अनुसार, मुंबई में न केवल सीटों के मामले में बल्कि वोट शेयर के मामले में भी भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति सबसे बड़ी शक्ति बनकर उभरी है।
भाजपा + शिंदे की शिवसेना: 42-45% वोट शेयर
शिवसेना (UBT) + मनसे + NCP शरद पवार गठबंधन: 34-37% वोट शेयर
कांग्रेस + वंचित बहुजन आघाडी: 13-15% वोट शेयर
अन्य: 6-8% वोट शेयर
लोकशाही और रुद्र रिसर्च के आंकड़ों में भी महायुति को जीत का प्रबल दावेदार बताया गया है।
भाजपा + शिंदे शिवसेना: 121 सीटें
उद्धव ठाकरे + राज ठाकरे + NCP शरद पवार गठबंधन: 71 सीटें
कांग्रेस + वंचित: 25 सीटें
अन्य: 10 सीटें
इन चुनावों में करीब 20 साल बाद उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक साथ आए थे, जिसे मराठी वोट बैंक को एकजुट करने का बड़ा दांव माना जा रहा था। हालांकि, एग्जिट पोल के नतीजे बताते हैं कि मतदाताओं ने विकास और भाजपा गठबंधन के ट्रिपल इंजन वाले विकास पर ज्यादा भरोसा जताया है। यदि ये नतीजे हकीकत में बदलते हैं, तो यह उद्धव ठाकरे के लिए अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक झटका होगा।
मुंबई की बीएमसी में 227 सीटों के लिए लगभग 1,700 उम्मीदवार मैदान में हैं। यह वही महानगरपालिका है, जिसका सालाना बजट करीब 74,000 करोड़ रुपये का है। अविभाजित शिवसेना ने करीब 25 वर्षों तक बीएमसी पर शासन किया था। 2022 में शिवसेना के विभाजन के बाद पहला बीएमसी चुनाव है।
बता दें कि ये केवल एग्जिट पोल के अनुमान हैं। आधिकारिक चुनाव परिणाम शुक्रवार 16 जनवरी को घोषित किए जाएंगे, जिससे यह स्पष्ट होगा कि मुंबई का असली किंग कौन बनेगा।