कांग्रेस ने बीएमसी चुनाव के लिए लागू आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर राहुल नार्वेकर और उनके समर्थित उम्मीदवारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव के लिए मतदान से पहले ही मुंबई की राजनीति गरमा गई है। विपक्षी दलों शिवसेना (UBT) और कांग्रेस ने महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) राहुल नार्वेकर पर गंभीर आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है। विपक्ष का दावा है कि नार्वेकर ने अपने पद का इस्तेमाल कर नामांकन प्रक्रिया में हस्तक्षेप किया और आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया है।
कांग्रेस ने महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी को पत्र लिखकर शिकायत की है कि भाजपा विधायक व स्पीकर राहुल नार्वेकर ने निर्वाचन अधिकारियों पर दबाव डाला ताकि विपक्षी उम्मीदवारों के नामांकन पत्र स्वीकार न किए जाएं। आरोपों के अनुसार, यह घटना 30 दिसंबर को कोलाबा स्थित निर्वाचन अधिकारी (RO) कार्यालय में हुई। कांग्रेस का दावा है कि नार्वेकर खुद वहां मौजूद थे और उन्होंने पुलिस बल का इस्तेमाल कर विपक्षी उम्मीदवारों को धमकाया और उन्हें पर्चा जमा करने से रोका।
ये आरोप 30 दिसंबर को कोलाबा स्थित रिटर्निंग ऑफिसर कार्यालय में हुए नामांकन से जुड़े हैं, जहां तीन वार्डों के पर्चे स्वीकार किए जा रहे थे। विपक्ष का दावा है कि कुछ उम्मीदवारों के नामांकन स्वीकार नहीं किए गए और इसके पीछे विधानसभा अध्यक्ष का दबाव था। कांग्रेस का कहना है कि आचार संहिता के बावजूद चुनाव अधिकारियों पर प्रभाव डाला गया, ताकि विपक्षी उम्मीदवारों को मैदान से बाहर किया जा सके। कांग्रेस ने राहुल नार्वेकर और उनके समर्थित उम्मीदवारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने इस विवाद में एक नया मोड़ ला दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि 30 दिसंबर को शाम 4 बजे के बाद की CCTV फुटेज निर्वाचन कार्यालय से गायब कर दी गई है। राउत ने सवाल उठाया कि विधानसभा अध्यक्ष की मौजूदगी वाली फुटेज आखिर गायब कैसे हो सकती है? उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बताते हुए दावा किया कि कोलाबा और ठाणे में बड़ी संख्या में विपक्षी उम्मीदवारों के नामांकन जानबूझकर खारिज किए गए हैं।
विपक्ष का आरोप है कि नार्वेकर का मुख्य उद्देश्य उन उम्मीदवारों को रास्ते से हटाना था जो उनके रिश्तेदारों की जीत में बाधा बन सकते थे। गौरतलब है कि राहुल नार्वेकर के परिवार के तीन सदस्य बीएमसी चुनाव लड़ रहे हैं। पीटीआई के मुताबिक, भाजपा ने राहुल नार्वेकर के भाई मकरंद नार्वेकर, बहन गौरी शिवलकर और भाभी हर्षिता शिवलकर को मुंबई के वार्ड 225, 226 और 227 से टिकट दिया है।
इस बीच, पूर्व सांसद हरिभाऊ राठौड़ ने भी आरोप लगाया कि जब वे अपने बेटे का नामांकन दाखिल करने गए, तो नार्वेकर ने उनकी मौजूदगी पर आपत्ति जताई और अधिकारियों को प्रक्रिया धीमी करने का निर्देश दिया। पत्रकारों से बात करते हुए राठौड़ ने दावा किया, “नार्वेकर की सभी धमकियां और टिप्पणियां रिकॉर्ड में हैं। अगर मेरे साथ कुछ भी होता है, तो ये रिकॉर्डिंग सबूत होगी। उन्होंने मुझे धमकी भी दी थी।”
इन तमाम आरोपों को खारिज करते हुए राहुल नार्वेकर ने इन्हें राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है। उन्होंने कहा, "मैं केवल पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवारों के साथ वहां गया था। बाहर कुछ लोग हंगामा कर रहे थे, इसलिए मैंने पुलिस से उन्हें चेतावनी देने को कहा। मुझे इस घटना के बारे में और कुछ नहीं पता।" सीसीटीवी गायब होने के आरोपों पर उन्होंने कहा कि वे वहां थे ही नहीं, तो फुटेज में कैसे दिखेंगे। ऐसे निराधार आरोपों का कोई मतलब नहीं है।
विवाद बढ़ता देख महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग ने बीएमसी कमिश्नर भूषण गगरानी से इस पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। बीएमसी कमिश्नर गगरानी मुंबई जिला निर्वाचन अधिकारी की भूमिका भी निभा रहे हैं। 15 जनवरी को होने वाले मतदान से पहले इस विवाद ने कोलाबा और दक्षिण मुंबई की राजनीति में तनाव पैदा कर दिया है।