मुंबई

मराठा आंदोलन पर बॉम्बे HC सख्त, कहा- आंदोलन नियंत्रण से बाहर है, मुंबई को रोका गया, एक्शन लें सरकार

Bombay High Court Maratha Andolan Hearing: बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को सीएसएमटी, मरीन ड्राइव, फ्लोरा फाउंटेन और दक्षिण मुंबई के अन्य इलाकों से मराठा प्रदर्शनकारियों को हटाने का निर्देश दिया है।

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Sep 01, 2025
मराठा आरक्षण पर बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई (Patrika Photo)

मुंबई में मराठा आरक्षण आंदोलन को लेकर कई हिस्सों में स्थिति लगातार बिगड़ रही है। मनोज जरांगे की अगुवाई में आज चौथे दिन भी आंदोलन जारी है और हालात को देखते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने छुट्टी के दिन भी इस मामले पर तत्काल सुनवाई की। यह सुनवाई एमी फाउंडेशन द्वारा दायर याचिका पर हुई। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति रविंद्र घुगे और न्यायमूर्ति गौतम अंखड की खंडपीठ ने राज्य सरकार को शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उचित कार्रवाई का आदेश दिया है। साथ ही राज्य सरकार को सीएसएमटी स्टेशन, मरीन ड्राइव समेत दक्षिण मुंबई के अन्य इलाकों से मराठा प्रदर्शनकारियों को हटाने का निर्देश दिया है।

सोमवार को याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि मराठा आरक्षण के आंदोलनकारियों ने हाईकोर्ट के पहले दिए गए अंतरिम आदेश का उल्लंघन किया है। उनका आरोप है कि मनोज जरांगे पाटील और वीरेंद्र पाटील ने तय शर्तों का पालन नहीं किया। आंदोलन की आड़ में हजारों लोग मुंबई की सड़कों पर उतर आए, जिससे मुंबईवासियों को बहुत परेशानी हो रही है। सड़कें जाम है।

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मराठा आंदोलन में नियमों का उल्लंघन- सरकार

राज्य सरकार ने भी अदालत को बताया कि मराठा आंदोलन के लिए केवल आजाद मैदान में अनुमति दी गई थी, वह भी सीमित संख्या और समय के लिए। इसके बावजूद आंदोलनकारियों ने शर्तों का उल्लंघन करते हुए दक्षिण मुंबई के कई हिस्सों को ठप कर दिया। राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि यह सब प्लान बनाकर किया जा रहा, प्रदर्शनकारी गणपति उत्सव के दौरान आए हैं।

शरद गुट और उद्धव गुट पहुंचा रहें सामान- सदावर्ते

वकील गुणरत्न सदावर्ते ने कोर्ट में दावा किया कि आंदोलन अब पूरी तरह अराजकता का रूप ले चुका है। उनके अनुसार, अस्पताल जाने वाले मरीज भी प्रभावित हो रहे हैं और स्थिति शाहीन बाग आंदोलन जैसी होती जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यह सब एक सुनियोजित तरीके से किया गया है और राजनीतिक दल आंदोलनकारियों को समर्थन व साधन मुहैया करा रहे हैं। शरद पवार की एनसीपी और उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) प्रदर्शनकारियों को ट्रकों से हर सामान मुहैया करा रही है।

सरकार एक्शन लें- हाईकोर्ट

अदालत ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि मराठा आंदोलन अब हाथ से निकल चुका है। अदालत ने राज्य सरकार से पूछा कि आखिर सड़कों पर अवैध जमाव क्यों नहीं हटाया जा रहा। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि मुंबई को रोका नहीं जा सकता, सड़कों को जाम नहीं किया जा सकता और शहर की दिनचर्या ठप नहीं की जा सकती। न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए राज्य सरकार जरुरी कदम उठाये।

मुंबई के बाहर आंदोलनकारियों को रोके- हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि मंगलवार दोपहर 4 बजे तक दक्षिण मुंबई के सीएसएमटी, मरीन ड्राइव और फ्लोरा फाउंटेन जैसे प्रमुख इलाकों से तुरंत मराठा आंदोलनकारियों को हटाया जाए। जाम रास्तों पर यातायात बहाल की जाए। अदालत ने यह भी कहा कि 7 दिनों तक चलने वाले गणेश विसर्जन के मद्देनजर कानून व्यवस्था बनाए रखना बेहद जरूरी है। इसलिए अब प्रदर्शनकारियों को मुंबई में न आने दें, उन्हें शहर से बाहर ही रोका जाए।

बता दें कि मनोज जरांगे ओबीसी श्रेणी में मराठों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर शुक्रवार से मुंबई के आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन अनशन कर रहे हैं। उनके साथ हजारों की संख्या में मराठा समुदाय के लोग मौजूद है।

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Updated on:
01 Sept 2025 04:37 pm
Published on:
01 Sept 2025 04:18 pm
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