मुंबई

ऑनलाइन फार्मेसी के खिलाफ बड़ा आंदोलन, पुणे में कल बंद रहेंगे 15000 मेडिकल स्टोर्स

Chemist Strike 20 May: देश भर के लाखों दवा विक्रेता (केमिस्ट और ड्रगिस्ट) बुधवार 20 मई को अपनी दुकानें बंद रखेंगे। हालांकि, आपातकालीन सेवाओं और अस्पतालों से जुड़े मेडिकल स्टोर बंद में शामिल नहीं होंगे।
2 min read
May 19, 2026
Chemist Strike 20 May Maharashtra
पुणे में बुधवार को 15000 मेडिकल स्टोर बंद रहेंगे (AI Image)

देशभर में ऑनलाइन दवाओं की बिक्री और कॉर्पोरेट कंपनियों द्वारा दिये जा रहे भारी डिस्काउंट के खिलाफ केमिस्ट संगठनों ने बड़ा आंदोलन छेड़ दिया है। ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) के आह्वान पर 20 मई को देशभर के मेडिकल स्टोर एक दिन के बंद में शामिल होंगे। इस बंद का असर महाराष्ट्र के पुणे में भी देखने को मिलेगा, जहां करीब 15 हजार केमिस्ट हड़ताल में शामिल होने जा रहे हैं।

संगठन का दावा है कि देशभर के 12.40 लाख से ज्यादा केमिस्ट इस एक दिवसीय आंदोलन का हिस्सा बनेंगे। केमिस्ट संगठनों का कहना है कि ऑनलाइन दवा बिक्री के नाम पर अवैध ई-फार्मेसी कारोबार तेजी से बढ़ रहा है, जिससे नकली और घटिया दवाओं की बिक्री को बढ़ावा मिल रहा है। साथ ही बड़ी कंपनियों की ओर से भारी छूट देकर बाजार संतुलन बिगाड़ा जा रहा है।

ऑनलाइन दवाओं की बिक्री पर उठे सवाल

एआईओसीडी के अध्यक्ष और पूर्व विधान पार्षद जगन्नाथ शिंदे ने कहा कि बार-बार मांग करने के बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध ई-फार्मेसी और भारी छूट की वजह से लाखों लोगों की आजीविका खतरे में पड़ गई है।

संगठन के महासचिव राजीव सिंघल ने भी कहा कि यह केवल व्यापार का मुद्दा नहीं, बल्कि मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा मामला है। उनका कहना है कि अगर सरकार ने 20 मई तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन किया जा सकता है।

पुणे में 15 हजार मेडिकल स्टोर रहेंगे बंद

पुणे जिला केमिस्ट्स एसोसिएशन के सचिव अनिल बेलकर ने बताया कि पुणे के लगभग 15 हजार केमिस्ट इस बंद में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन दवा बिक्री की वजह से नकली और मिलावटी दवाओं का खतरा बढ़ा है, जो सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि यह आंदोलन सिर्फ छोटे केमिस्टों के व्यवसाय को बचाने के लिए नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए भी जरूरी है।

प्रधानमंत्री को सौंपा गया ज्ञापन

इससे पहले केमिस्ट संगठनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन सौंपकर अवैध ई-फार्मेसी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठन का कहना है कि बिना पर्याप्त नियंत्रण और निगरानी के ऑनलाइन दवा बिक्री सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।

20 मई के इस बंद के दौरान कई शहरों में मेडिकल स्टोर बंद रहेंगे। हालांकि, अस्पतालों से जुड़ी दवा की दुकानें खुली रहेंगी और आपातकालीन दवा सेवाएं भी बाधित नहीं होंगी।

क्या है मामला?

एआईओसीडी के अध्यक्ष शिंदे के मुताबिक, कोविड महामारी के दौरान केंद्र ने एक अधिसूचना जारी की थी, जिसके कारण आज ऑनलाइन दवा बिक्री का दुरुपयोग बढ़ा है। केंद्र सरकार ने तब दवाओं की आपूर्ति सीधे मरीजों के घर तक सुनिश्चित करने के लिए विशेष छूट दी थी, लेकिन महामारी खत्म होने के कई साल बाद भी उन प्रावधानों को जारी रखा गया है। इस ढील का फायदा उठाकर ऑनलाइन फार्मेसी 20 से 50 प्रतिशत तक की भारी छूट दे रहीं हैं। इसे लंबे समय से वापस लेने की मांग की जा रही है।

शिंदे ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन फार्मेसी में डॉक्टर के पर्चे के बिना ही फर्जी दवाएं, एंटीबायोटिक और प्रतिबंधित/विशेष दवाएं धड़ल्ले से बिक रही हैं। जो सार्वजनिक स्वास्थ्य और खासकर युवाओं के लिए एक गंभीर खतरा है। इसके अलावा, ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों द्वारा दी जाने वाली भारी छूट छोटे और खुदरा दवा विक्रेताओं के लिए काल साबित हो रही है।

Updated on:
19 May 2026 08:06 am
Published on:
19 May 2026 08:06 am