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Original : इस गांव में पानी के लिए बजता है सायरन, जानवरों के लिए ‘पार्लर’; पत्रिका के साथ बातचीत में सरपंच ने बताई कहानी 

Original Story Manyachiwadi Gaon Satara Maharashtra: आज महाराष्ट्र के इस अनोखे गांव के बारे में हम सरपंच से जानेंगे। जहां पर पानी के लिए सायरन बजता है।

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Manyachiwadi Gaon, Manyachiwadi Smart Village

मान्याचीवाड़ी गांव सतारा| image credit instagram- sidiously_

Manyachiwadi Smart Village: गांव का नाम सुनते ही सबसे पहले ज्यादातर लोगों के दिमाग में शहर की भागदौड़ से दूर एक शांत और सुकून भरी जगह की याद आती है। लेकिन आज के इस स्टोरी में हम एक ऐसे अनोखे गांव के बारे में बताने जा रहे हैं, जो शहर से दूर होने के बावजूद ऐसी सुविधाओं से लैस है जो बड़े से बड़े शहरों में भी देखने को नहीं मिलती।

इस गांव के सरपंच रविंद्र आनंदराव माने (Ravindra Anandrao Mane) ने पत्रिका के साथ बातचीत में इस गांव की कहानी को बताया है:

पानी पीने के लिए बजता है साइरन (Smart Water Management System In Manyachiwadi)

रविंद्र आनंदराव माने ने बताया कि महाराष्ट्र के सतारा जिले में स्थित मान्याचीवाडी (Manyachiwadi) गांव की ग्राम पंचायत ने ग्रामीणों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए 'वॉटर सायरन' शुरू किया है। "सदृढ़ आरोग्य योजना" के तहत छात्रों को समय पर पानी पीने के लिए 'वॉटर बेल' और ग्रामीणों के लिए 'वॉटर सायरन' लगाया गया है। छात्रों और ग्रामीणों को सही समय पर पानी पीने के प्रति जागरूक करने के लिए दिनभर में यह सायरन तय समय पर चार बार बजता है, जो गांव के लोगों के साथ-साथ खेतों में काम करने वाले किसानों को भी "अब पानी पीजिए" का संदेश देता है।

इसके साथ ही गांव के हर परिवार को एक NFC कार्ड मिला हुआ है। जिससे बस कार्ड टैप करो और साफ पानी आ जाता है। यानी जैसे हम शहरों में मेट्रो कार्ड या एटीएम कार्ड का इस्तेमाल करते हैं, ठीक वैसे ही यहां कार्ड टैप करके पानी निकाला जाता है। इस तकनीक की वजह से गांव में पानी की बर्बादी नहीं होती।

जानवरों के लिए पार्लर (Unique Beauty Parlor And Grooming Center For Animals)

सुनने में यह थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन इस गांव में जानवरों के लिए एक खास तरह का "पशु स्नानगृह और सौंदर्य केंद्र" (Animal Bathhouse and Grooming Centre) बनाया गया है, जहां उनके नहाने के लिए शावर लगे हैं। असल में, इंसानों से कहीं ज्यादातर प्रदूषण और बीमारियां जानवरों की ठीक से सफाई न होने की वजह से फैल सकती हैं। इस अनोखे और समझदारी भरे आइडिया से गांव को साफ-सुथरा और सेहतमंद रखने में मदद मिल रही है।

मॉडर्न स्कूल और शिक्षा (Modern Digital Schools And Sex Education For Kids)

इस गांव का स्कूल किसी बड़े प्राइवेट स्कूल से कम नहीं है। यहां डिजिटल क्लासरूम वाले स्कूल के साथ-साथ कॉन्वेंट स्कूल के लेवल का खेल का मैदान भी है। इसके अलावा, स्कूल में सेनेटरी पैड मैनेजमेंट का बेहतरीन इंतजाम है और बच्चों को 'यौन शिक्षा' भी दी जाती है, ताकि वे बचपन से ही 'गुड टच और बैड टच' जैसी जरूरी चीजों के बारे में जागरूक हो सकें।

डस्टबिन और वॉशबेसिन भी लगे हैं (Zero Plastic Waste And Effective Cleanliness)

अक्सर गांवों या टूरिस्ट जगहों पर लोग आते हैं और प्लास्टिक का कचरा फेंककर चले जाते हैं। लेकिन मान्याचीवाड़ी में कचरे और गंदगी के निपटारे के लिए गांव में वॉशबेसिन और डस्टबिन लगाए गए हैं, जिससे पूरा गांव साफ रहता है।

महिलाओं का बिजनेस (Women Empowerment And Self Help Group Dairy Business)

यहां की महिलाएं अपने 'बचत गट' (Self Help Group) के जरिए खुद की एक मॉडर्न दूध डेयरी शुरू की है। इससे न सिर्फ लोगों को शुद्ध दूध मिल रहा है, बल्कि गांव की महिलाओं को घर बैठे-बैठे रोजगार और अच्छी कमाई का जरिया भी मिल गया है।