मुंबई

पीएम केयर्स फंड से मिला CJP आंदोलन को पैसा, जांच करा लो… पत्रकार के सवाल पर बोले आशुतोष रांका

Ashutosh Ranka on PM Cares Fund: अभिजीत दीपके की कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने जांच एजेंसियों से पीएम केयर्स फंड के ऑडिट की मांग की है।
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Aug 10, 2026
CJP Movement PM Cares Fund
पीएम केयर्स फंड का ऑडिट कर सच सामने लाए- आशुतोष रांका (Photo: IANS)

CJP Funding: कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के जंतर-मंतर आंदोलन को मिलने वाली फंडिंग को लेकर पूछे गए एक सवाल पर संगठन के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने लाइव डिबेट के दौरान ऐसा बयान दिया, जिससे नया सियासी विवाद खड़ा हो गया है। जब पत्रकार ने उनसे सवाल किया कि सीजेपी आंदोलन को आखिर पैसा कहां से मिला? इसके जवाब में रांका ने तंज कसते हुए कहा कि सीजेपी को मिलने वाली पूरी फंडिंग पीएम केयर्स फंड से मिली है और इसकी जांच होनी चाहिए।

लाइव डिबेट में आशुतोष रांका ने कहा, “कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को अपनी सारी फंडिंग पीएम केयर्स फंड से मिली।” इसके साथ ही उन्होंने संबंधित जांच एजेंसियों से पीएम केयर्स फंड का ऑडिट कराने और सच्चाई सामने लाने की मांग की।

पत्रकार के सवाल पर रांका का पलटवार

दरअसल, डिबेट के दौरान पत्रकार ने सीजेपी आंदोलन की फंडिंग के स्रोत को लेकर सवाल किया था। पूछा गया था कि आंदोलन को आर्थिक मदद कहां से मिल रही है और इसके पीछे फंडिंग का स्रोत क्या है।

इस सवाल के जवाब में आशुतोष रांका ने सीधे तौर पर यह दावा करने के बजाय कि संगठन को वास्तव में पीएम केयर्स फंड से पैसा मिला है, उन्होंने व्यंग्यात्मक पलटवार में यह बात कही। उन्होंने एजेंसियों से पीएम केयर्स फंड की पूरी जांच कर उसका पैसा कहां-कहां खर्च हुआ है, इसकी जानकारी देश की जनता को देने की मांग की। रांका के इस बयान को सीजेपी की फंडिंग को लेकर पूछे गए सवाल का व्यंग्यात्मक पलटवार माना जा रहा है।

गौरतलब है कि बीते कुछ समय से सीजेपी द्वारा आयोजित प्रदर्शनों और अभियानों में हो रहे खर्च को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे। विरोधी लगातार यह आरोप लगा रहे है कि इस बड़े पैमाने पर चलाए गए आंदोलन के पीछे किसी बाहरी नेटवर्क का हाथ है।

सीजेपी के जंतर-मंतर पर चले 37 दिन के आंदोलन को चीन या पाकिस्तान से फंडिंग मिलने के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए खुद अभिजीत दीपके ने कहा था कि यदि ऐसा कोई पैसा भारत में आया है, तो यह देश की आंतरिक सुरक्षा और खुफिया तंत्र की नाकामी है। इसके लिए सीधे तौर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।

Updated on:
10 Aug 2026 02:56 pm
Published on:
10 Aug 2026 02:09 pm