
Maharashtra Police:दिल्ली में होने वाले CJP के प्रदर्शन से पहले महाराष्ट्र पुलिस के कथित नोटिस को लेकर सवाल उठने लगे हैं। CJP से जुड़े अभिजीत दिपके ने दावा किया है कि पुलिस संगठन के कुछ वॉलंटियर्स को नोटिस भेजकर दिल्ली जाने के खर्च की जानकारी मांग रही है। दिपके ने यह भी सवाल किया कि प्रदर्शन से पहले ही पुलिस को कैसे पता है कि वहां हिंसा हो सकती है?
अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर महाराष्ट्र पुलिस के कथित नोटिस पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि CJP के वॉलंटियर्स से दिल्ली जाने के खर्च को लेकर जानकारी मांगी जा रही है।
दिपके ने सवाल किया कि जब प्रदर्शन अभी हुआ ही नहीं है तो पुलिस उसके हिंसक होने की बात कैसे कर सकती है। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या शांतिपूर्ण प्रदर्शन में किसी तरह की परेशानी खड़ी होने की पहले से आशंका जताई जा रही है या इसके पीछे कोई और वजह है।
उन्होंने कहा कि अगर प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से होना है तो पुलिस को पहले से हिंसा की बात कहने का आधार क्या है। हालांकि, दिपके के इन दावों पर महाराष्ट्र पुलिस की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक जवाब सामने नहीं आया है।
अभिजीत दिपके ने अपनी पोस्ट में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का भी जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा आम लोगों की सुरक्षा से ज्यादा जरूरी है।
CJP की ओर से चुनाव आयोग और ज्ञानेश कुमार को लेकर पहले भी सवाल उठाए जाते रहे हैं। संगठन मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहा है। इसी सिलसिले में दिल्ली में भी प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है।
प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर अलग-अलग राज्यों से CJP के समर्थकों के दिल्ली पहुंचने की बात कही जा रही है। इसी बीच महाराष्ट्र में वॉलंटियर्स को कथित नोटिस भेजे जाने का मामला सामने आया है।
दिपके का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों को लेकर इस तरह की आशंका क्यों जताई जा रही है। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर प्रदर्शन से पहले ही हिंसा की बात कैसे सामने आ रही है।
फिलहाल इस मामले में महाराष्ट्र पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। पुलिस की प्रतिक्रिया के बाद ही यह साफ होगा कि नोटिस क्यों भेजे गए, उनमें क्या जानकारी मांगी गई और पुलिस ने प्रदर्शन को लेकर किस आधार पर अपनी चिंता जताई है।