मुंबई

मुंबई में हिंदी बोलने पर छात्र को बेरहमी से पीटा, आहत होकर उसने लगा ली फांसी

Hindi Marathi Row : 19 वर्षीय एक युवक ने लोकल ट्रेन में हिंदी बोलने पर पिटाई के बाद आत्महत्या कर ली। उसके पिता ने आरोप लगाया है कि हिंदी-मराठी भाषा विवाद ने उनके बेटे की जान ले ली।
2 min read
Nov 20, 2025
Mumbai Hindi Marathi row Arnav Khaire
हिंदी-मराठी भाषा विवाद ने ली अर्नव की जान (Patrika Photo)

हिंदी-मराठी भाषा विवाद के चलते मुंबई के करीब कल्याण शहर में एक 19 वर्षीय छात्र (Arnav Khaire) की जान चली गयी। यह चौंकाने वाली घटना ठाणे जिले के कल्याण पूर्व के तिसगांव नाका क्षेत्र की है, जहां एक कॉलेज छात्र ने हिंदी बोलने पर पिटाई के बाद आत्महत्या कर ली। परिवार के मुताबिक, मुंबई लोकल ट्रेन में 18 नवंबर को हुए भाषा विवाद और मारपीट की घटना से वह गहरे तनाव में था।

लोकल ट्रेन में क्या हुआ था?

जानकारी के अनुसार, अर्नव खैरे (19) रोज की तरह मंगलवार की सुबह भी कॉलेज जाने के लिए घर से निकला था। वह मुलुंड के केलकर कॉलेज में साइंस के प्रथम वर्ष का छात्र था। मुलुंड जाने के लिए कल्याण से उसने लोकल ट्रेन पकड़ी। ट्रेन में भीड़ बहुत ज्यादा होने के कारण उसे बार-बार धक्का लग रहा था। इसलिए उसने एक यात्री से हिंदी में कहा, “भाई, थोड़ा आगे हो जाओ, धक्का लग रहा है।” इस पर यात्रियों के एक समूह ने अर्नव के मराठी की बजाय हिंदी बोलने पर आपत्ति जताई और उसकी पिटाई शुरू कर दी। इस पर अर्नव ने कहा कि वह भी मराठी ही है, फिर भी चार-पांच यात्रियों ने अर्नव को बेरहमी से पीटा। इस मारपीट से डरकर अर्नव मुलुंड की जगह ठाणे स्टेशन पर उतर गया।

पिता को किया फोन, घर आकर दे दी जान

अर्नव के पिता जीतेंद्र खैरे ने बताया कि उनका बेटा घर लौटकर काफी घबराया हुआ था। उन्होंने कहा, “मेरा बेटा कांपते हुए बता रहा था कि ट्रेन में उसे थप्पड़ मारा गया और धमकाया गया। उससे पूछा गया कि उसे मराठी बोलने में क्या दिक्कत है। उसने ठाणे में उतरने के बाद मुझे फोन भी किया था, वह बहुत डरा हुआ था। फिर भी वह दूसरी ट्रेन से मुलुंड गया और कॉलेज में प्रैक्टिकल अटेंड कर घर वापस आ गया। उस दिन वह किसी लेक्चर में नहीं बैठा।

'अब किसी के साथ न हो ऐसा...'

उन्होंने दावा किया कि मारपीट की उस घटना के कारण अर्नव को गंभीर मानसिक आघात पहुंचा था। इसी तनाव में उसने घर पर आकर फांसी लगाकर जान दे दी। जीतेंद्र खैरे ने कहा, “मेरा बेटा तो चला गया, लेकिन भाषा को लेकर ऐसी नफरत और हिंसा कही नहीं होनी चाहिए।”

पुलिस ने शुरू की जांच

अर्नव खैरे की आत्महत्या के बाद कोलसेवाडी पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। रेलवे पुलिस की मदद से आरोपियों की पहचान के प्रयास जारी हैं। स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। परिवार और स्थानीय लोग इस घटना से बेहद दुखी और आक्रोशित हैं। परिवार अब न्याय की मांग कर रहा है और चाहता है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Updated on:
20 Nov 2025 04:31 pm
Published on:
20 Nov 2025 03:30 pm