Maharashtra Politics: विपक्षी खेमे का मानना है कि महायुति गठबंधन के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है और आने वाले दिनों में भाजपा नीत महायुति सरकार में बड़े बदलाव हो सकते हैं।
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नाना पटोले ने बड़ा दावा करते हुए राज्य में ‘सियासी खेला’ होने की संभावना जताई है। उनके बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। कुछ दिन पहले ही उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे दिल्ली दौरे पर गए थे और वहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। बताया जा रहा है कि तब शिंदे और पीएम मोदी के बीच करीब डेढ़ घंटे तक बैठक चली थी। इस दौरान महाराष्ट्र के राजनीतिक समीकरणों पर भी बातचीत होने की खबर है।
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने राज्य की मौजूदा महायुति सरकार पर निशाना साधते हुए एक बड़ा दावा किया है। पटोले का कहना है कि महाराष्ट्र में जल्द ही कोई बड़ा सियासी खेला देखने को मिल सकता है। उन्होंने शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे की वर्तमान स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि भाजपा ने ऐसी परिस्थितियां पैदा कर दी हैं कि शिंदे साहब की खुद की हालत खराब नजर आ रही है।
नाना पटोले ने डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे पर तंज कसते हुए कहा कि उनकी खुद की स्थिति ठीक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने ऐसी परिस्थितियां बना दी हैं, जो अब शिंदे के रहन-सहन से साफ झलक रही हैं।
उन्होंने आगे कहा, “शिंदे दिल्ली में जाकर भाजपा आलाकमान को बताते हैं कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस उन पर अत्याचार करते हैं। मुझे नहीं लगता कि भाजपा फडणवीस को हटाकर एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बनाएगी। लेकिन कांग्रेस नेता ने दावा किया है कि सरकार के भीतर कुछ बड़े बदलावों की तैयारी चल रही है।“
उधर, एकनाथ शिंदे खुद अटकलों को सिरे से खारिज कर रहे है। दिल्ली दौरे को लेकर उठे सवालों पर उन्होंने कहा था कि जब भी संसद का सत्र चलता है, वह अपने सांसदों से मुलाकात करने दिल्ली जरूर आते हैं। शिंदे ने बताया कि वह हर सत्र में इसी तरह दिल्ली आते रहे हैं और इस बार भी उन्होंने पीएम मोदी से मुलाकात की है। इसके साथ ही उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भी भेंट की।
पत्रकारों से महाराष्ट्र की राजनीति और महायुति सरकार के कामकाज पर बात करते हुए शिंदे ने कहा था कि प्रदेश की अपनी अलग संस्कृति है और महायुति सरकार हमेशा जनता के हित में फैसला लेती है। उन्होंने विरोधियों पर पलटवार करते हुए कहा था कि वे आलोचनाओं पर ध्यान देने के बजाय अपने काम से जवाब देने में विश्वास रखते हैं।
एकनाथ शिंदे ने आरोप लगाया था कि सरकार बनने के बाद से विपक्ष हर निर्णय का विरोध करता आ रहा है और लगातार आरोप लगाता रहता है। विपक्ष का काम आलोचना करना है और मैं उसका जवाब काम से देता हूं। शिंदे ने जोर देकर कहा था कि महाराष्ट्र की सरकार पूरी तरह से जनता की सरकार है और जनता के हित में काम कर रही है।