
अमित शाह से एकनाथ शिंदे की मुलाकात की तस्वीर (Photo: IANS/File)
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के दिल्ली दौरे को लेकर सियासी माहौल गर्म हो गया है। एक तरफ शिंदे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर अहम मुद्दों पर चर्चा की, वहीं दूसरी ओर संजय राउत ने तीखा हमला बोलते हुए इसे आलाकमान से आदेश लेने वाला दौरा बताया है।
दिल्ली पहुंचने के एक दिन बाद एकनाथ शिंदे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से करीब दो घंटे तक मुलाकात की। इसके अलावा उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भी भेंट की।
शिंदे ने इस मुलाकात को औपचारिक भेंट बताते हुए कहा कि वे हर सत्र में शिवसेना सांसदों से मिलने दिल्ली आते हैं और सभी से मिलते है, इस बार भी उसी सिलसिले में दौरा किया।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा, "जब संसद सत्र चल रहा होता है, तो मैं अपने सांसदों से मिलने आता हूं... मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की। मैंने अध्यक्ष ओम बिरला से भी मुलाकात की, और वहां मौजूद कई मंत्रियों से भी मिला। मैंने सभी से मुलाकात की।
विरोधियों द्वारा की जा रही आलोचनाओं पर पलटवार करते हुए शिंदे ने कहा कि वे आलोचनाओं पर ध्यान देने के बजाय अपने काम से जवाब देने में विश्वास रखते हैं। उन्होंने कहा, “मुझे इस बात की परवाह नहीं है कि कौन मेरी आलोचना कर रहा है या क्या कह रहा है, मैं वही करता हूं जो मैं करना चाहता हूं। विरोधी हमेशा आलोचना करते हैं। मैं आलोचना का जवाब काम से देता हूं।"
संसद भवन के बाहर मीडिया से बातचीत में शिंदे ने विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, “कौन क्या बोलता है, इस पर ध्यान देने के बजाय मैं अपना काम करता हूं। विपक्ष का काम आलोचना करना है और मैं उसका जवाब काम से देता हूं।”
उन्होंने यह भी बताया कि अंतरराष्ट्रीय हालात, खासकर ईरान और इजरायल-अमेरिका तनाव के बीच देश में सभी दलों को एकजुट रहने की जरूरत है। इस पर भी उन्होंने प्रधानमंत्री से चर्चा की और कहा कि शिवसेना उनके साथ खड़ी है।
इसी बीच उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने शिंदे के दौरे पर तंज कसते हुए कहा, “एकनाथ शिंदे की पार्टी का हाईकमान मुंबई में नहीं, बल्कि दिल्ली में है। इसलिए अगर वे अपने ‘पार्टी प्रमुख’ अमित शाह से मिलने दिल्ली आते हैं, तो इसमें हैरानी की कोई बात नहीं। महाराष्ट्र में क्या करना है, इसके आदेश वे अमित शाह से लेते हैं। जिसके लिए उन्हें दिल्ली जाना पड़ता है, क्योंकि अमित शाह ने ही उनकी पार्थी की स्थापना की है।”
शिंदे के दिल्ली दौरे को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। आने वाले दिनों में इस मुलाकात के राजनीतिक मायने और स्पष्ट हो सकते हैं, लेकिन फिलहाल इतना तय है कि दिल्ली दौरे ने महाराष्ट्र की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है।
Updated on:
17 Mar 2026 05:04 pm
Published on:
17 Mar 2026 05:04 pm
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