मुंबई

प्रणिती शिंदे के कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम्’ पर नया विवाद, सोनिया गांधी के बाद अब कांग्रेस सांसद पर लगा बड़ा आरोप

Congress MP Praniti Shinde: सोलापुर में कांग्रेस सांसद प्रणिती शिंदे के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम्’ का पूरा गीत नहीं गाए जाने पर नया विवाद खड़ा हो गया है। वहीं प्रणिति शिंदे ने केंद्र सरकार पर तानाशाही को लेकर निशाना साधा।
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Aug 16, 2026
Praniti Shinde Vande Mataram Controversy
कांग्रेस सांसद प्रणिती शिंदे (Photo: Praniti Shinde Instagram)

Vande Mataram: महाराष्ट्र के सोलापुर में कांग्रेस सांसद प्रणिती शिंदे के नेतृत्व में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर Gen-Z के साथ सामूहिक राष्ट्रगान कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रणिती शिंदे समेत मौजूद लोगों ने ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया। हालांकि, कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम्’ का पूरा गीत नहीं गाए जाने के आरोप लग रहे हैं, जिसको लेकर अब नया विवाद खड़ा होने की संभावना जताई जा रही है।

दरअसल, देशभर में ‘वंदे मातरम्’ को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक बयानबाजी जारी है। इसी बीच सोलापुर में कांग्रेस सांसद प्रणिती शिंदे के कार्यक्रम का वीडियो सामने आने के बाद यह मुद्दा फिर गरमा गया है।

सोनिया गांधी को लेकर बीजेपी ने लगाए थे आरोप

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में तिरंगा फहराया गया। इस दौरान ‘वंदे मातरम्’ का गायन भी हुआ। हालांकि, बीजेपी प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी पर आरोप लगाया कि उन्होंने ‘वंदे मातरम्’ का पूरा संस्करण गाने पर आपत्ति जताई और इसे गाने से रोक दिया। बीजेपी के कई नेताओं ने इससे जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसका उल्लेख करते हुए कहा, अगर यह सच है कि सोनिया गांधी इसलिए नाराज थीं क्योंकि पूरा ‘वंदे मातरम्’ गाया गया, तो इसे अराजकता से भरे दिमाग वाले लोगों का ‘दिमागी नक्सलवाद’ ही कहा जाएगा। संवैधानिक दायरे में लिए गए फैसले का इस तरह विरोध करना संवैधानिक सत्ता का अपमान है।

प्रणिती शिंदे ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना

कार्यक्रम के बाद प्रणिती शिंदे ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने हाल में हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के जंतर-मंतर आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि इस आंदोलन ने यह दिखा दिया है कि लोकतंत्र के सामने सभी को झुकना पड़ता है। उन्होंने कहा कि देश में कहीं न कहीं तानाशाही चल रही थी, लेकिन वह तानाशाही झुकी और शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि Gen-Z ने जिस तरह आंदोलन किया, उससे सरकार को भी समझ नहीं आया कि इस आंदोलन को किस तरह संभाला जाए।

'Gen-Z के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ेंगे'

कांग्रेस सांसद ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक शुरुआत है और कांग्रेस पार्टी युवाओं के अधिकारों की लड़ाई में उनके साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा, "यह तो बस शुरुआत है, हम Gen-Z के साथ कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष करेंगे। जब तक हमारे देश को इस तानाशाही के शिकंजे से पूरी तरह मुक्ति नहीं मिल जाती, तब तक हमारी यह लड़ाई जारी रहेगी।"

Updated on:
16 Aug 2026 09:09 am
Published on:
16 Aug 2026 08:58 am