
महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे के बीच शुक्रवार आधी रात को मुलाकात होने की खबर है। इसको लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू है। हालांकि, सीएम फडणवीस ने खुद इसका खंडन किया है, लेकिन इस एक खबर ने सत्तारूढ़ महायुति और विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी (MVA), दोनों खेमों में खलबली मचा दी है। अब इस पर कांग्रेस की पहली प्रतिक्रिया भी सामने आ गई है।
प्रकाश अंबेडकर की पार्टी वंचित बहुजन आघाडी (वीबीए) से जुड़े मीडिया हाउस ‘प्रबुद्ध भारत’ ने दावा किया है कि शुक्रवार देर रात उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से उनके आधिकारिक निवास ‘वर्षा’ पर मुलाकात की। इस दावे के सामने आते ही सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक मंचों तक इस मुलाकात को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
हालांकि, इस कथित बैठक की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, जिससे यह मामला और भी रहस्यमय बन गया है।
इस पूरे मामले पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया का भी इंतजार था। आखिरकार महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने इस पर पार्टी की स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि यह फिलहाल केवल एक अफवाह है और बिना पुष्टि के इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। सपकाल ने साफ तौर पर कहा कि जब तक इस खबर की सत्यता सामने नहीं आती, तब तक किसी भी तरह की प्रतिक्रिया देना सही नहीं है।
इससे पहले मुख्यमंत्री फडणवीस ने उद्धव ठाकरे से मुलाकात की बात से साफ इनकार कर दिया। फडणवीस ने नासिक के त्रयंबकेश्वर मंदिर में दर्शन करने के बाद शनिवार को पत्रकारों से कहा, ‘उद्धव ठाकरे के साथ गुप्त बैठक करने का क्या कारण है? हमारे पास गुप्त रूप से चर्चा करने के लिए कोई विषय ही नहीं है। अगर वह मुझसे मिलना भी चाहें, तो हम खुलेआम मिल सकते हैं। ऐसी कोई बैठक नहीं हुई है।’
उन्होंने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर झूठी खबरें फैला रहे हैं और ऐसे सोशल मीडिया अकाउंट्स को नोटिस भेजेंगे।
फडणवीस और उद्धव के बीच संभावित मुलाकात की खबर ऐसे समय सामने आई है, जब राज्य की राजनीति पहले से ही कई मुद्दों पर गरमाई हुई है। ऐसे में इस तरह की खबरों ने नए समीकरणों की संभावनाओं को लेकर चर्चाओं को हवा दे दी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि इस तरह की कोई मुलाकात वास्तव में हुई है, तो इसके दूरगामी असर हो सकते हैं।