
BMC Video Controversy: अभिनेत्री दीया मिर्जा के दिवाली वीडियो को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक बयानबाजी का मुद्दा बन गया है। बॉम्बे हाईकोर्ट के वीडियो को दोबारा अपलोड करने के निर्देश के बाद समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष अबू आसिम आजमी ने इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि अदालत ने दिखा दिया है कि देश में अभी इंसाफ जिंदा है। इसके साथ ही आजमी ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि संविधान के खिलाफ होने वाली गतिविधियों पर अदालतों को खुद आगे आकर कार्रवाई करनी चाहिए।
मुंबई में मीडिया से बातचीत के दौरान आजमी ने हाईकोर्ट को बधाई दी। उन्होंने कहा कि देश की अदालतों को डॉ. भीमराव आंबेडकर और महात्मा गांधी के संघर्षों को नहीं भूलना चाहिए। इन नेताओं ने देश को अधिकार, बराबरी और न्याय का रास्ता दिखाया। आजमी के मुताबिक, जब भी किसी के साथ गलत होता है या दबाव और गुंडागर्दी के दम पर कोई बात थोपने की कोशिश की जाती है, तो अदालतों को चुप नहीं रहना चाहिए।
आजमी ने कहा कि अगर देश में कोई काम संविधान के खिलाफ हो रहा है या किसी की आवाज दबाई जा रही है, तो अदालतों को ऐसे मामलों में खुद संज्ञान लेना चाहिए। हर बार किसी व्यक्ति के शिकायत लेकर अदालत पहुंचने का इंतजार नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका की जिम्मेदारी है कि वह लोगों के अधिकारों और संविधान की रक्षा करे।
इस दौरान आजमी ने बीजेपी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के कुछ लोग देश में अराजकता का माहौल बना रहे हैं। आजमी ने कहा कि अगर अदालतें ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करती रहेंगी, तो इस तरह का माहौल बनाने वालों को अपनी हरकतों का अहसास होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि न्यायपालिका आगे भी इसी तरह अपनी जिम्मेदारी निभाती रहेगी।
दरअसल, मुंबई में प्रदूषण को देखते हुए BMC ने दिवाली पर लोगों से पटाखों से होने वाले धुएं और शोर को कम करने की अपील के लिए एक जागरूकता अभियान चलाया था। इसमें दीया मिर्जा के अलावा अभिनेत्री माधुरी दीक्षित और क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे जैसे चेहरे भी शामिल थे। दीया मिर्जा ने अपने वीडियो में लोगों से पर्यावरण का ध्यान रखते हुए दिवाली मनाने और सार्वजनिक सड़कों पर पटाखे नहीं जलाने की अपील की थी।
यह वीडियो मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमित साटम की आपत्ति के बाद BMC के सोशल मीडिया पेज से हटा दिया गया। इसके बाद मामला बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंचा। 3 नवंबर को सुनवाई के दौरान अदालत ने वीडियो हटाए जाने पर नाराजगी जताई और BMC को इसे दोबारा अपलोड करने को कहा। अदालत ने यह भी कहा कि पर्यावरण का मुद्दा सभी से जुड़ा है और इसे धर्म या जाति का रंग नहीं दिया जाना चाहिए। इसी फैसले पर अबू आजमी ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे न्यायपालिका की अहम भूमिका से जोड़ा है।