
Disha Salian Death Case: दिशा सालियान की मौत के मामले में उनके परिवार के वकील निलेश ओझा ने शनिवार को नया दावा किया। ठाणे में मीडिया से बात करते हुए ओझा ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को एक रिपोर्ट सौंपी है, जिसमें 5 जून 2020 को तत्कालीन पुलिस अधिकारी सचिन वाजे की जल्दबाजी में बहाली और क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (CIU) में उनकी नियुक्ति का जिक्र होने का दावा किया गया है।
ओझा ने आरोप लगाया कि CIU में नियुक्ति के लिए पुलिस इंस्पेक्टर (PI) रैंक के अधिकारी की जरूरत थी, जबकि सचिन वाजे इस मानदंड को पूरा नहीं करते थे। उनके मुताबिक, इसके बावजूद उन्हें CIU में नियुक्त किया गया।
निलेश ओझा ने दावा किया कि उन्हें गृह मंत्रालय को सौंपी गई एक रिपोर्ट मिली है, जिसमें वाजे की बहाली और CIU में नियुक्ति से जुड़े विवरण दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि इस दस्तावेज समेत अन्य जानकारियां शनिवार को CBI को सौंप दी गई हैं। ओझा ने आरोप लगाया कि वाजे की तत्काल बहाली के पीछे किसी बड़ी साजिश का हिस्सा होने की संभावना है। उन्होंने दावा किया कि इसमें दिशा सालियान की हत्या और कथित कवर-अप के अलावा जबरन वसूली और ड्रग्स कारोबार जैसी गतिविधियां भी शामिल थीं।
दिशा सालियान केस में जांच को लेकर ओझा ने कहा कि उनके द्वारा पहले उठाए गए कई सवालों को अब सामने आ रहे दस्तावेजों और सबूतों से समर्थन मिल रहा है। उन्होंने दिशा के शव की स्थिति, कथित कवर-अप और जांच से जुड़े दस्तावेजों का भी जिक्र किया। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। किसी दस्तावेज या नए सबूत का सामने आना अपने आप में लगाए गए आरोपों को साबित नहीं करता। CBI की जांच में इन दावों और संबंधित साक्ष्यों की पुष्टि होना बाकी है।
दिशा सालियान की मौत के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश के बाद CBI ने सितंबर 2026 में FIR दर्ज की थी। एजेंसी को मामले की नए सिरे से जांच करने और संबंधित रिकॉर्ड हासिल करने का निर्देश दिया गया था। हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि पर्याप्त सामग्री सामने आने तक किसी व्यक्ति को आरोपी नहीं माना जाना चाहिए। CBI की जांच में मामले से जुड़े लोगों, पुलिस रिकॉर्ड, पुराने जांच दस्तावेजों और अन्य सबूतों की जांच की जा रही है।
निलेश ओझा ने कहा कि उन्होंने CBI को दिए पत्र में तीन अन्य महत्वपूर्ण मांगें भी रखी हैं। उन्होंने संकेत दिया कि इन मांगों के आधार पर वह बॉम्बे हाईकोर्ट में नई याचिका दाखिल करेंगे। ओझा ने कहा कि याचिका में मामले से जुड़े आरोपियों से तत्काल हिरासत में पूछताछ और जांच को हाईकोर्ट की निगरानी में आगे बढ़ाने की मांग की जाएगी।
दिशा सालियान की जून 2020 में मुंबई में एक इमारत से गिरने के बाद मौत हुई थी। पहले मुंबई पुलिस की जांच में इसे आत्महत्या माना गया था और किसी साजिश के सबूत नहीं मिलने की बात कही गई थी। बाद में उनके पिता की याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने CBI जांच का रास्ता साफ किया अब CBI द्वारा दर्ज FIR के बाद मामले की नए सिरे से जांच हो रही है। इस जांच में सामने आने वाले दस्तावेज और सबूत ही यह तय करेंगे कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।