
Farmers Daughters Wedding: महाराष्ट्र में सूखे से जूझ रहे किसानों की बेटियों की शादी की व्यवस्था शिवसेना करेगी। वहीं साल 2027 में नासिक में होने वाले कुंभ मेले में सभी 13 अखाड़ों के संतों के भोजन का इंतजाम भी शिवसेना करेगी। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने नासिक दौरे के दौरान ये दो घोषणाएं कीं। एकनाथ शिंदे ने त्र्यंबकेश्वर स्थित ज्योतिर्लिंग मंदिर में दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने आनंद कुंभ मेले में संत सम्मेलन में हिस्सा लिया और 13 अखाड़ों के संतों से मुलाकात की।
इस दौरान उन्होंने संतों से कुंभ मेले की तैयारियों को लेकर उनकी अपेक्षाएं जानीं और जरूरी काम जल्द पूरा कराने का भरोसा दिया। उनकी घोषणाओं का संतों ने तालियां बजाकर स्वागत किया। महाराष्ट्र में सूखे के बीच कुंभ मेले के आयोजन को लेकर उठ रहे सवालों पर शिंदे ने कहा कि कुंभ मेला कई साल में एक बार आता है। कुछ लोग इस मुद्दे पर अपनी राय रख रहे हैं, लेकिन उनकी सरकार किसानों के साथ खड़ी है। किसानों की तैयारियों में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। शिंदे ने कहा कि सूखे के कारण किसान परेशान हैं। जिन परिवारों में बेटियों की शादी तय है, उन्हें भी चिंता सता रही है कि ऐसे हालात में शादी की व्यवस्था कैसे होगी। उन्होंने संतों से किसानों को आशीर्वाद देने की अपील की और कहा कि शिवसेना किसानों की बेटियों की शादी की जिम्मेदारी उठाएगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि कुंभ मेले में आने वाले सभी 13 अखाड़ों के संतों के भोजन की व्यवस्था शिवसेना करेगी।
इस दौरान नासिक के हरसूल से शिवसेना के ‘भगवा कंधे पर, शिवसैनिक खेत की मेड़ पर’ अभियान की शुरुआत की गई। एकनाथ शिंदे ने कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों, विधायकों, सांसदों और मंत्रियों से सूखे से प्रभावित किसानों की मदद के लिए आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि दशहरा रैली में भी उन्होंने शिवसैनिकों से किसानों के खेतों तक पहुंचने का आह्वान किया था। मंत्रियों, विधायकों, सांसदों और जिला प्रमुखों के साथ बैठक में भी इस मुद्दे पर चर्चा की गई है। अब सभी को सूखे से परेशान किसानों और उनके परिवारों के साथ खड़ा होना है।
एकनाथ शिंदे ने कहा कि किसान देश का अन्नदाता है और वे खुद भी किसान परिवार से आते हैं। इसलिए किसानों और उनके परिवारों की परेशानियों को समझते हैं। केंद्र और राज्य सरकार किसानों की मदद करेंगी और शिवसेना भी पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि जहां भी संकट होगा, शिवसेना मदद के लिए पहुंचेगी। अभियान के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं को सूखा प्रभावित किसानों तक पहुंचने और उन्हें जरूरी सहायता देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।