
मनोज जरांगे पाटील और एकनाथ शिंदे। फाइल फोटो- पत्रिका
Eknath Shinde: मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटील ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को लेकर बड़ा बयान दिया है। पिछले कुछ सप्ताह से शिंदे पर निशाना साध रहे जरांगे के तेवर अब बदले नजर आए। उन्होंने कहा कि एकनाथ शिंदे पर व्यक्तिगत हमला किया जा रहा है और उनका राजनीतिक करियर खत्म करने की साजिश तो नहीं रची गई, इसकी जांच होनी चाहिए। हालांकि उन्होंने साफ किया कि शिंदे के लिए साथ खड़े होने का मतलब आरक्षण के मुद्दे पर समझौता करना नहीं है।
जरांगे ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि एकनाथ शिंदे चुप बैठने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में शिंदे के लिए जो कीमत चुकानी पड़ेगी, वे चुकाने को तैयार हैं, लेकिन यह समर्थन केवल इसी मामले तक सीमित है। आरक्षण के मुद्दे पर वे शिंदे को भी घेरेंगे। वहीं महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों एक कथित ऑडियो क्लिप को लेकर विवाद चल रहा है। इस क्लिप में बातचीत के दौरान सांसद श्रीकांत शिंदे का नाम लिए जाने का दावा किया जा रहा है। साथ ही 500 करोड़ रुपए के कथित लेनदेन की चर्चा भी सामने आई है। इस मामले को लेकर भाजपा और शिवसेना के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
हालांकि इस ऑडियो क्लिप की सत्यता और उसमें किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। कुछ राजनीतिक नेताओं की ओर से यह आशंका भी जताई जा रही है कि क्लिप एआई की मदद से तैयार की गई हो सकती है। इसकी वास्तविकता तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। मनोज जरांगे ने मामले की सच्चाई सामने लाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि प्रवर्तन निदेशालय से भी व्यापक जांच करने वाली कोई एजेंसी है, तो उससे जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से भी मामले पर ध्यान देने और सच्चाई जनता के सामने लाने की मांग की। कथित ऑडियो क्लिप में किए गए दावों की पुष्टि, उसकी तकनीकी जांच और संबंधित लोगों की भूमिका की निष्पक्ष पड़ताल के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
Updated on:
26 Oct 2026, 2:43 PM IST
Published on:
26 Oct 2026, 2:43 PM IST
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