शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने पार्टी के विधायकों, सांसदों, मुख्य समन्वयकों, सह-समन्वयकों और लोकसभा समन्वयकों से जमीनी पर उतरकर जनता से संपर्क साधने, उनके मुद्दों पर तुरंत काम करने और पार्टी के विकास में सक्रिय योगदान देने को कहा। यदि काम दिखाई नहीं दिया तो वे अपने पदों पर नहीं रह पाएंगे।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने अपनी पार्टी के भीतर अनुशासन और सक्रियता को लेकर बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। हाल ही में शिवसेना ने मुख्य समन्वयकों, मंडल समन्वयकों और लोकसभा समन्वयकों की नियुक्ति की। शिंदे की उपस्थिति में इन नवनियुक्त पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन समीक्षा और मार्गदर्शन बैठक बुधवार को आयोजित की गई।
इस दौरान शिंदे ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि जो नेता काम नहीं करेगा, उसे पद से हटा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब केवल पद लेकर बैठने का समय खत्म हो गया है, सभी को जमीन पर उतरकर पार्टी कार्यकर्ताओं के रूप में काम करना होगा। उन्होंने निर्देश दिया कि चुनाव समाप्त होने के बाद अब पार्टी विस्तार पर ध्यान केंद्रित किया जाए।
बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री शिंदे ने नेताओं के बीच पद के अहंकार को लेकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने आदेश दिया कि मंत्री, विधायक और सांसद जैसे बड़े पदों के तामझाम को बाजू में रखकर सभी को एक सामान्य कार्यकर्ता की तरह जमीन पर उतरकर काम करना होगा। उन्होंने दो टूक कहा कि अगर किसी पदाधिकारी के काम की नियमित अपडेट नहीं मिली, तो उन्हें तुरंत पदमुक्त कर दिया जाएगा। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि शिंदे अब बड़े पैमाने पर पार्टी में फेरबदल करने की तैयारी में हैं।
पुणे में शिवसेना की पूरी कार्यकारिणी को बर्खास्त कर दिया गया है, जिसे राज्य के अन्य पदाधिकारियों के लिए एक सीधे और सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। शिंदे ने स्पष्ट किया है कि काम में कोताही बरतने वाले किसी भी नेता को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी वरिष्ठ क्यों न हो।
संगठन को मजबूत करने के लिए एकनाथ शिंदे ने शिवसेना पदाधिकारियों को कार्यप्रणाली में बड़े बदलाव के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि लोकसभा संपर्क प्रमुख अब छह विधानसभा क्षेत्रों की संयुक्त बैठकें नहीं करेंगे। इसके बजाय, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र की स्वतंत्र बैठक लेना अनिवार्य होगा। इतना ही नहीं बैठकों की तस्वीरें और विस्तृत रिपोर्ट रोजाना सीधे उन्हें भेजी जाएं। शिंदे ने कहा कि वे खुद इन रिपोर्ट्स को देखेंगे और समीक्षा करेंगे। जो इसमें विफल होगा या काम में लापरवाही बरतेगा, उसे सीधे उसके पद से हटा दिया जाएगा।
बैठक के दौरान शिंदे ने पार्टी पदाधिकारियों को स्पष्ट कहा कि यदि काम जमीन पर दिखाई नहीं दिया, तो पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं होगा।