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मुंबई में गणेश पंडाल के लिए सड़क खोदी तो खैर नहीं, हर गड्ढे के लिए देना होगा 2000 रुपये का जुर्माना

Ganeshotsav Festival BMC Rules: मुंबई में गणेश मंडप बनाने के लिए सड़क या फुटपाथ खोदने पर बीएमसी हर गड्ढे के लिए 2,000 रुपये जुर्माना लगाएगी। गणेश मंडलों के लिए मूर्ति की ऊंचाई और आकार बताना भी अनिवार्य किया गया है।
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Updated: 19 Aug 2026, 4:22 PM IST
pune ganpati Visarjan Accident
पुणे में गणपति विसर्जन जुलूस के दौरान दर्दनाक हादसा (Photo: BMC/File)

Mumbai Ganeshotsav 2026: गणेशोत्सव से पहले मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने शहर की नई बनी कंक्रीट सड़कों को नुकसान से बचाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब गणेशोत्सव मंडप बनाने के लिए सड़क या फुटपाथ खोदने पर हर गड्ढे के लिए 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। बीएमसी ने गणेश पंडालों से मंडप तैयार करने के लिए ऐसी तकनीक अपनाने की अपील की है, जिससे सड़क या फुटपाथ में गड्ढा न करना पड़े।

मुंबई में हर साल बड़े पैमाने पर सार्वजनिक गणेशोत्सव आयोजित किया जाता है। ऐसे में मंडप निर्माण के दौरान सड़कों और फुटपाथों को होने वाले नुकसान को रोकने के लिए नगर निगम ने नियमों को सख्ती से लागू करने की तैयारी की है।

मुंबई में 10 से 11 हजार सार्वजनिक गणेश पंडाल

मुंबई में करीब 10,000 से 11,000 सार्वजनिक गणेशोत्सव पंडाल हैं। इनमें अनुमानित 2,000 से 3,000 पंडाल सड़क या फुटपाथ पर अस्थायी तौर पर बनाए जाते हैं। पंडाल बनाने के लिए कई जगहों पर सड़क या फुटपाथ में गड्ढे किए जाते हैं, जिससे सड़कों को नुकसान पहुंचता है। बीएमसी अब इसी समस्या को रोकने के लिए पिट-फ्री मंडप निर्माण तकनीक अपनाने पर जोर दे रही है।

गणेश मंडलों को देनी होगी मूर्ति के आकार की जानकारी

इस साल गणेशोत्सव मंडलों के लिए एक और बदलाव किया गया है। बीएमसी ने गणेश प्रतिमा की ऊंचाई और आकार की जानकारी रजिस्ट्रेशन फॉर्म में देना अनिवार्य कर दिया है।

इससे बीएमसी को मंडप और मूर्ति से संबंधित व्यवस्थाओं, सुरक्षा उपायों और यातायात प्रबंधन की बेहतर योजना बनाने में मदद मिलेगी।

सार्वजनिक गणेशोत्सव को ‘राज्य उत्सव’ का दर्जा

बीएमसी की ये पहल ऐसे समय में सामने आई है, जब महायुति सरकार ने सार्वजनिक गणेशोत्सव को ‘राज्य उत्सव’ घोषित किया है। सरकार का उद्देश्य मुंबई के गणेशोत्सव को एक बड़े वैश्विक सांस्कृतिक आयोजन के रूप में विकसित करना है।

इसी दिशा में मुंबई के सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों के संगठन बृहन्मुंबई सार्वजनिक गणेशोत्सव समन्वय समिति (BSGSS) ने सरकार और गणेश मंडलों के बीच बेहतर समन्वय के लिए संयुक्त कार्ययोजना का प्रस्ताव रखा है।

‘मुंबई गणेश सांस्कृतिक सर्किट’ बनाने का प्रस्ताव

समिति के अध्यक्ष नरेश दहीबावकर ने राज्य के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री आशीष शेलार को पत्र लिखकर BSGSS को गणेशोत्सव के विकास के लिए आधिकारिक समन्वय भागीदार बनाने का प्रस्ताव दिया है। समिति ने ऐसा गणेशोत्सव मॉडल विकसित करने की बात कही है, जिसमें सांस्कृतिक विरासत, जनभागीदारी, पर्यावरण संरक्षण, सार्वजनिक सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव को प्राथमिकता दी जाए।

इसके अलावा समिति ने ‘मुंबई गणेश सांस्कृतिक सर्किट’ बनाने का भी प्रस्ताव रखा है। इसका उद्देश्य देश-विदेश से मुंबई आने वाले पर्यटकों को शहर के ऐतिहासिक सार्वजनिक गणेशोत्सव से परिचित कराना है।

लालबाग से गिरगांव तक दिखेगा मुंबई का गणेशोत्सव

प्रस्तावित गणेश सांस्कृतिक सर्किट में लालबाग, गिरगांव, शिवाजी पार्क और परेल जैसे प्रमुख गणेशोत्सव स्थलों को शामिल किया जाएगा। पर्यटकों की सुविधा के लिए सांस्कृतिक गाइड, कई भाषाओं में सूचना बोर्ड, QR कोड के जरिए ऐतिहासिक जानकारी और विदेशी पर्यटकों के लिए विशेष टूर की व्यवस्था करने का प्रस्ताव है।

इस पहल के जरिए मुंबई के गणेशोत्सव को केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित न रखते हुए शहर की सांस्कृतिक पहचान और विरासत से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

इस बीच, बीएमसी का पिट-फ्री मंडप निर्माण पर जोर देने का फैसला शहर की सड़कों को सुरक्षित रखने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासकर नई बनी कंक्रीट सड़कों को बार-बार खोदने से होने वाले नुकसान को कम करने में इससे मदद मिल सकती है।

Updated on:
19 Aug 2026, 4:22 PM IST
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