
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में कोल्हापुर की गोकुल डेयरी को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। चुनाव में कांग्रेस समर्थित पैनल को 25 में से 13 सीटें मिलीं, जबकि महायुति के खाते में 12 सीटें आईं। इसके बावजूद चेयरमैन का चुनाव अटक गया। अब महाराष्ट्र सरकार के एक नए फैसले ने इस पूरे मामले को और गरमा दिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सरकार पर चुनाव के बाद नियम बदलकर बहुमत हासिल करने की कोशिश का आरोप लगाया है। वहीं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस फैसले का बचाव करते हुए राहुल गांधी पर निशाना साधा है।
दरअसल, गोकुल डेयरी के संचालक मंडल में कुल 25 सदस्य हैं। कांग्रेस समर्थित सतेज पाटील के पैनल ने 13 सीटें जीतीं, जबकि महायुति समर्थित पैनल को 12 सीटें मिलीं। इस तरह कांग्रेस समर्थित पैनल के पास एक सीट की बढ़त थी।
लेकिन चेयरमैन चुनने के लिए बैठक में कम से कम 14 सदस्यों का मौजूद होना जरूरी था। महायुति के 12 सदस्य बैठक में शामिल नहीं हुए और केवल 13 सदस्य ही पहुंचे। ऐसे में जरूरी संख्या पूरी नहीं होने से बैठक नहीं हो सकी। मुख्यमंत्री फडणवीस के मुताबिक, दो बार बैठक रद्द हो चुकी थी। तीसरी बार भी ऐसा होता तो चुनाव प्रक्रिया रद्द होने की नौबत आ सकती थी।
इसी बीच महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने 500 करोड़ रुपए से अधिक सालाना कारोबार वाली सहकारी संस्थाओं के संचालक मंडल में पांच सरकारी नामित सदस्य रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इनमें चार सदस्यों को मतदान का अधिकार देने का प्रावधान है, जबकि पांचवां सदस्य सरकारी अधिकारी होगा और उसे वोट देने का अधिकार नहीं होगा।
इस फैसले का असर गोकुल डेयरी पर भी पड़ सकता है। अगर चार मतदान अधिकार वाले सदस्य नियुक्त होते हैं तो मौजूदा 13-12 का गणित बदल सकता है। हालांकि, इसके लिए प्रस्ताव को कानूनी प्रक्रिया पूरी करनी होगी और राज्यपाल की मंजूरी के बाद औपचारिक अधिसूचना जारी होनी है।
राहुल गांधी ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि चुनाव में हार के बाद सरकार नियम बदलकर चार नए निदेशक शामिल करना चाहती है, ताकि 12 का आंकड़ा 16 हो जाए और बहुमत हासिल किया जा सके। उन्होंने इसे दूध उत्पादकों के वोट और उनके फैसले के साथ खिलवाड़ बताया।
नागपुर में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राहुल गांधी के बयान पर कहा कि गोकुल में करीब 4500 मतदाता हैं और राहुल गांधी इस मामले को लेकर दिल्ली में बैठकर ट्वीट कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने एडवोकेट जनरल की राय लेने के बाद ही फैसला किया है। यह कोई राष्ट्रीय मुद्दा नहीं है, लेकिन राहुल गांधी इसमें भी दखल दे रहे हैं।
गोकुल डेयरी के चेयरमैन चुनाव को लेकर अब राजनीतिक विवाद के साथ कानूनी लड़ाई भी तेज हो गई है। इस बीच बॉम्बे हाईकोर्ट ने 10 नवंबर को चेयरमैन चुनाव के लिए बैठक बुलाने का निर्देश दिया है। ऐसे में सबकी नजरें अब इस बैठक और सरकार के नए फैसले के अगले कदम पर टिकी हैं।