
Maharashtra Heavy Rainfall: महाराष्ट्र की सांस्कृतिक राजधानी पुणे इस समय आसमानी आफत से कराह रही है। पिछले तीन दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने सोमवार को बेहद खतरनाक रूप अख्तियार कर लिया, जिसके बाद भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पूरे जिले के लिए 'रेड अलर्ट' जारी कर दिया है। शहर के रिहायशी इलाकों से लेकर मुख्य सड़कों तक, हर तरफ सिर्फ पानी ही पानी नजर आ रहा है। बिगड़ते हालात और बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए जिला कलेक्टर जितेंद्र डुडी ने पुणे के सभी स्कूलों और आंगनवाड़ियों में आज यानी सोमवार को छुट्टी घोषित कर दी है।
शनिवार और रविवार को पुणे में भारी के चलते 100 से ज्यादा पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। पेड़ गिरने की वजह से एक व्यक्ति भी गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, ट्रैफिक पुलिस ने पहाड़ी किलों और जंगलों वाली जगहों पर लोगों को जाने से रोक दिया है।
पुणे जिला प्रशासन ने बताया कि पुणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (PMC) को शनिवार को पेड़ गिरने की 29 शिकायतें मिलीं, पिंपरी-चिंचवाड़ में 27 घटनाएं दर्ज की गई। रविवार को पुणे में 100 से ज्यादा पेड़ गिरने के मामले सामने आए। फायर ब्रिगेड की टीमें पूरे दिन उखड़े हुए पेड़ों, टूटी हुई डालियों और जाम सड़कों को हटाने में लगी रहीं।
महाराष्ट्र में किसी भी आपात स्थिति में निम्नलिखित हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करने को कहा है. BMC-1916, पालघर जिला हेल्पलाइन: 02525-297474/+91 8237978873, ठाणे नगर निगम (टीएमसी): 022-25364779/022-25301740/+91 9372338827, ठाणे आपदा प्रबंधन कक्ष: 1800-222-108 / 8657887101, पनवेल नगर निगम: 022-27458040 /41/42
भारी बारिश को देखते हुए पुणे वन विभाग ने टूरिस्टों से अपील की है कि वे राजगढ़, सिंहगढ़ और लोनावाला इलाके में झरनों व नालों के किनारे न जाए। विभाग के गाइडलाइन का शत प्रतिशत पालन करें। वन विभाग ने कहा कि लगातार बारिश से लैंडस्लाइड, पत्थर गिरने, टहनियों के गिरने और नदियों, झरनों और मौसमी छोटी नदियों में पानी का लेवल अचानक बढ़ने का खतरा बढ़ गया है। वन विभाग ने लोंगों से यह भी अपील की है कि वे दुर्घटना, लोगों के लापता होने, जंगल में आग लगने, वाइल्डलाइफ से जुड़ी घटनाओं या जंगल के इलाकों में किसी भी इमरजेंसी की स्थिति में तुरंत टोल-फ्री इमरजेंसी हेल्पलाइन 1926 पर संपर्क करें।