IIIT Nagpur Student Suicide: नागपुर के भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) में एक 20 वर्षीय छात्र ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। मृतक श्रेयस चंद्रकांत माने (20) कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग के दूसरे वर्ष का छात्र था।
देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में छात्रों के आत्महत्या के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे। ताजा मामला भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) नागपुर से सामने आया है, जहां एक छात्र ने हॉस्टल की नौवीं मंजिल से कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इस घटना ने एक बार फिर इंजीनियरिंग संस्थानों में पढ़ रहे छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और शैक्षणिक दबाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मृतक छात्र की पहचान 20 वर्षीय श्रेयश माने के रूप में हुई है, जो आईआईआईटी नागपुर (Indian Institute of Information Technology Nagpur) में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग (CSE) के दूसरे वर्ष का छात्र था। पुलिस के अनुसार, सोमवार (4 मई) से संस्थान में परीक्षाएं शुरू होने वाली थीं। परीक्षा के पहले ही दिन तड़के करीब 4:30 बजे श्रेयश ने हॉस्टल की छत से छलांग लगा दी। बताया जा रहा है कि श्रेयश मूल रूप से महाराष्ट्र के कोल्हापुर का रहने वाला था।
इस घटना में एक चौंकाने वाली बात सामने आई है कि श्रेयश नियमित रूप से अपनी कक्षाओं में भी उपस्थित नहीं हो रहा था। वह हॉस्टल की निचली मंजिल पर रहता था। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि वह नौवीं मंजिल पर कब और क्यों गया।
फिलहाल बुटीबोरी पुलिस स्टेशन में 'आकस्मिक मृत्यु' का मामला दर्ज किया है। पुलिस शैक्षणिक दबाव और निजी कारणों सहित सभी संभावित पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है। सहायक निरीक्षक नीलेश चौरे ने बताया कि मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, आत्महत्या के सटीक कारणों का पता लगाने का प्रयास जारी है।
यह घटना उस समय हुई है जब पहले से ही तकनीकी संस्थानों में बढ़ते सुसाइड केस चिंता का विषय बने हुए हैं। पिछले दो वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो देश के विभिन्न IIT संस्थानों में करीब 30 छात्रों ने आत्महत्या की है। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में यह आंकड़ा 65 तक पहुंच गया है। इसमें सबसे अधिक मामले IIT कानपुर में 9 और IIT खड़गपुर में 7 मामले सामने आए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि संस्थानों में बढ़ता कॉम्पिटिशन और परीक्षाओं का तनाव छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है, जिस पर तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता है।