
जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले के उरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास हुए एक दर्दनाक हादसे में महाराष्ट्र के सातारा जिले के वीर सपूत अर्जुन राजेंद्र जाधव शहीद हो गए। सेना के अनुसार, मंगलवार दोपहर कमलकोट इलाके में हुए एक आकस्मिक विस्फोट में दो जवान गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें तत्काल श्रीनगर के 92 बेस अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।
अर्जुन के शहीद होने की खबर जैसे ही उनके सतारा जिले के कराड तालुका स्थित पैतृक गांव शहापुर पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। इस हादसे में अर्जुन के साथ ही महाराष्ट्र के ही रहने वाले जवान विक्रम बालकृष्ण चव्हाण भी शहीद हुए हैं।
शहीद अर्जुन जाधव एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखते थे। उनके परिवार में माता-पिता, पत्नी सायली, 11 महीने का बेटा सर्वेश, दो भाई और एक बहन हैं।
सबसे भावुक कर देने वाली बात यह है कि उनके बेटे सर्वेश का पहला जन्मदिन महज 15 दिन बाद आने वाला था। परिवार के साथ यह खास पल मनाने के लिए अर्जुन छुट्टी लेकर घर आने की तैयारी कर रहे थे। लेकिन उससे पहले ही देश की सेवा करते हुए उनके शहीद होने की खबर ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। अर्जुन के छोटे भाई भी भारतीय नौसेना में तैनात हैं।
गांव के लोगों का कहना है कि अर्जुन बेहद सरल, मेहनती और कर्तव्यनिष्ठ थे। उनकी शहादत से पूरे शहापुर गांव में मातम का माहौल है। वीर सपूत को श्रद्धांजलि देने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
भारतीय सेना के श्रीनगर स्थित प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल मनोज साहू ने बताया कि उरी सेक्टर के कमलकोट क्षेत्र में हुए एक आकस्मिक विस्फोट में दो जवान गंभीर रूप से घायल हुए थे। दोनों को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
इस हादसे में महाराष्ट्र के ही एक अन्य जवान विक्रम बालकृष्ण भी शहीद हुए हैं। हालांकि सेना की ओर से देर रात तक विस्फोट की परिस्थितियों को लेकर विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई थी।