
Jalgaon Train Fire News: मुंबई से अमृतसर जा रही 11057 अमृतसर एक्सप्रेस बुधवार सुबह जलगांव रेलवे स्टेशन पर एक बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गई। ट्रेन की जनरेटर बोगी की ब्रेक डिस्क में अचानक आग लग गई। धुआं देखकर यात्रियों में दहशत फैल गई और कई लोग ट्रेन से उतरने लगे। हालांकि रेलवे कर्मचारियों की सूझबूझ से आग पर तुरंत काबू पा लिया गया।घटना के बाद यात्रियों में दहशत फैल गई।
जानकारी के अनुसार, अमृतसर एक्सप्रेस बुधवार सुबह करीब 7 बजे जलगांव रेलवे स्टेशन पहुंची थी। इसी दौरान तकनीकी खराबी के कारण अचानक एयर प्रेशर रिलीज हो गया, जिससे सामान ब्रेक और जनरेटर कार के ब्रेक एक साथ सक्रिय हो गए। ब्रेक डिस्क पर अत्यधिक घर्षण होने के कारण उसमें आग लग गई और कुछ ही देर में बोगी से धुआं निकलने लगा।
जनरेटर बोगी से धुआं निकलते देख यात्रियों में हड़कंप मच गया। कई यात्री घबराकर ट्रेन से उतरने लगे। कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि रेलवे कर्मचारियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और आग को फायर एक्सटिंग्विशर से बुझा दिया। जिससे बड़ा हादसा टल गया।
आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाने के बाद रेलवे अधिकारियों ने जनरेटर बोगी और अन्य तकनीकी सिस्टम की विस्तृत जांच की। सभी व्यवस्थाएं सुरक्षित पाए जाने के बाद सुबह करीब 8:15 बजे अमृतसर एक्सप्रेस को आगे के सफर के लिए रवाना कर दिया गया।
इससे पहले 18 जून को मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में 12465 रणथंभौर एक्सप्रेस में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ट्रेन के एक जनरल कोच के पहियों से धुआं और चिंगारियां निकलती दिखाई दीं। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में भी किसी यात्री को नुकसान नहीं पहुंचा।
अधिकारियों के अनुसार, इंदौर से जोधपुर जा रही रणथंभौर एक्सप्रेस सुबह करीब 9:45 बजे रतलाम के लूनी-रिछा स्टेशन के पास से गुजर रही थी। इसी दौरान ट्रेन के पिछले हिस्से में लगे एक जनरल कोच के पहियों के पास से चिंगारियां निकलती दिखाई दीं।
स्थिति को देखते हुए लोको पायलट ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाए। ट्रेन रुकते ही संबंधित कोच के नीचे से धुआं निकलता दिखाई दिया। सूचना मिलते ही रेलवे की तकनीकी टीम मौके पर पहुंची और ट्रेन की विस्तृत जांच की गई। करीब 20 मिनट तक ट्रेन रोके रखने के बाद उसे आगे के लिए रवाना कर दिया गया। शुरुआती तौर पर माना जा रहा है कि इमरजेंसी ब्रेक लगने की वजह से यह स्थिति बनी होगी, लेकिन वास्तविक कारण विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
इससे पहले 17 मई को भी रतलाम में लूनी-रिछा और विक्रमगढ़ स्टेशन के बीच 12431 राजधानी एक्सप्रेस के बी-1 एसी कोच में आग लग गई थी। उस दौरान भी यात्रियों में घबराहट फैल गई और कई यात्री अपना सामान लेकर जल्दी-जल्दी कोच से बाहर निकल आए। बाद में प्रभावित कोच को ट्रेन से अलग कर दिया गया था।