मुंबई

JDCC बैंक चुनाव में बड़ा उलटफेर, शिवसेना की 2 और भाजपा की 1 सीट पर निर्विरोध जीत, पर सीटों के बंटवारें पर फंसा पेच

Maharashtra Politics: जलगांव जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के चुनाव में महायुति के सीट बंटवारे का पेच सुलझने से पहले ही तीन उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना तय हो गया है। इसमें शिंदे गुट की दो और भाजपा की एक सीट शामिल है।
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Updated: 31 Oct 2026, 11:27 AM IST
Mahayuti Seat Sharing
सीएम देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे (Photo: IANS/File)

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर सत्तारूढ़ महायुति के भीतर सीटों के बंटवारे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। जलगांव जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक (JDCC Bank) के चुनाव में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। एकनाथ शिंदे नीत शिवसेना के दो और भाजपा के एक उम्मीदवार का निर्विरोध चुना जाना तय हो गया है। खास बात यह है कि महायुति में दोनों दलों के बीच सीट बंटवारे का विवाद सुलझने से पहले ही तीन सीटों पर उम्मीदवारों की निर्विरोध जीत का रास्ता साफ हो गया है।

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JDCC बैंक के निदेशक चुनावों के लिए नामांकन भरने के बाद राज्य सरकार में मंत्री गुलाबराव पाटिल ने कहा, "जिला मध्यवर्ती बैंक में मैंने मेरे चुनाव का पर्चा दाखिल किया है और मैं चुनाव लड़ने वाला हूं।

महायुति के एक साथ लड़ने पर शिवसेना शिंदे गुट के नेता ने कहा, "अभी यह प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद में 10-12 दिन हैं जिसमें बैठक होगी और उसमें कोई रास्ता निकलता है तो हम एक साथ लड़ेंगे…"

इस बीच, राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि शिंदे गुट के विधायक अमोल पाटील ने भाजपा विधायक मंगेश चव्हाण के साथ बातचीत कर अपने गुट की दो सीटों पर निर्विरोध जीत सुनिश्चित कर ली। इस घटनाक्रम के बाद जिला बैंक चुनाव में महायुति के भीतर राजनीतिक तालमेल को लेकर भी नए कयास लगाए जा रहे हैं।

तीन उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना तय

जलगांव जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक चुनाव में पारोला सोसायटी निर्वाचन क्षेत्र से नलिनी चिमणराव पाटील, एरंडोल से मृणाल अमोल पाटील और भुसावल से रजनी संजय सावकारे के खिलाफ किसी अन्य उम्मीदवार ने नामांकन दाखिल नहीं किया। ऐसे में इन तीनों की निर्विरोध जीत तय हो गई है।

इनमें नलिनी पाटील विधायक अमोल पाटील की मां हैं, जबकि मृणाल पाटील उनकी पत्नी हैं। वहीं, रजनी सावकारे महाराष्ट्र सरकार में मंत्री संजय सावकारे की पत्नी हैं।

इस चुनाव में दो सीटें शिंदे गुट और एक सीट भाजपा के खाते में जाने से दोनों दलों के बीच स्थानीय स्तर पर राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

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दरअसल, जलगांव जिला बैंक चुनाव में सीटों के बंटवारे को लेकर भाजपा और शिवसेना शिंदे गुट के बीच बातचीत चल रही थी। इसी बीच विधायक अमोल पाटील ने भाजपा विधायक मंगेश चव्हाण से चर्चा कर दो सीटों पर उम्मीदवारों की निर्विरोध जीत का रास्ता साफ कर लिया।

इस घटनाक्रम को लेकर शिवसेना नेता अमोल पाटील ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि विधायक मंगेश चव्हाण के पॉलिटिकल स्किल का थोड़ा इस्तेमाल हमने उनके मार्गदर्शन में किया है। वहीं, मंगेश चव्हाण खुद निर्विरोध जीत की बधाई देने के लिए पाटील से मिलने पहुंचे। इस वजह से माना जा रहा है कि शिंदे गुट का एक धड़ा भाजपा के साथ तालमेल बनाकर आगे बढ़ने के पक्ष में है।

जलगांव जिला सहकारी बैंक चुनाव में तीन उम्मीदवारों की निर्विरोध जीत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि भाजपा और शिवसेना शिंदे गुट के बीच बाकी सीटों का बंटवारा किस फॉर्मूले पर होगा। दोनों दलों के बीच अभी तक सीटों को लेकर सहमति नहीं बन पाई है। अमोल पाटील और मंगेश चव्हाण के बीच बातचीत से कुछ सीटों पर रास्ता जरूर निकला है, लेकिन पूरे चुनाव में महायुति का अंतिम समीकरण क्या होगा, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।

Updated on:
31 Oct 2026, 11:27 AM IST
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