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महायुति में सब ठीक नहीं? पुणे में अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी में भाजपा, मंत्री के बयान से चढ़ा सियासी पारा

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में पुणे शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। बीजेपी नेता व मंत्री जयकुमार गोरे ने एक बड़ा बयान देकर सियासी हलचल बढ़ा दी है।
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Sep 21, 2026
Pune Graduate Constituency Election
सीएम फडणवीस, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार (Photo: IANS)

Mahayuti Tension: पुणे शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की आगामी चुनावी तैयारियों के बीच महाराष्ट्र की राजनीति में नया सियासी ट्विस्ट सामने आया है। राज्य के ग्राम विकास मंत्री जयकुमार गोरे ने कहा है कि पुणे शिक्षक और स्नातक दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन एकजुट होकर चुनाव लड़ने का प्रयास कर रहा है। हालांकि, जरूरत पड़ी तो बीजेपी दोनों सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ेगी। इस संबंध में अंतिम फैसला मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण करेंगे।

भाजपा नेता जयकुमार गोरे के इस बयान के बाद पुणे के शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र को लेकर महायुति के भीतर सीट बंटवारे और उम्मीदवारों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। खास बात यह है कि पुणे में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के अजित पवार गुट की भी अच्छी राजनीतिक ताकत मानी जाती है। ऐसे में गोरे के बयान के बाद अब महायुति के अन्य घटक दलों की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी।

'महायुति के साथ चुनाव लड़ने की कोशिश, लेकिन विकल्प खुले'

पुणे शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में महायुति के तौर पर चुनाव लड़ने की कोशिश की जा रही है। जयकुमार गोरे ने स्पष्ट किया कि अगर किसी कारण से सहमति नहीं बनती है तो बीजेपी दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में अलग से चुनाव लड़ सकती है। उन्होंने कहा कि इस बारे में अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष स्तर पर लिया जाएगा।

गोरे के इस बयान को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की राजनीति में उम्मीदवारों के चयन के साथ-साथ महायुति के घटक दलों के बीच तालमेल भी अहम रहने वाला है।

BJP नेता पर भी जयकुमार गोरे का निशाना

पुणे के चुनावी समीकरणों के साथ ही मंत्री जयकुमार गोरे ने सोलापुर की राजनीति को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने बीजेपी नेता रणजीतसिंह मोहिते पाटील पर निशाना साधते हुए कहा कि वह ऐसे हैं, जैसे बारिश आते ही छतरियां निकल आती हैं। इस बयान को मोहिते पाटील की राजनीतिक सक्रियता पर तंज के तौर पर देखा जा रहा है। इससे सोलापूर की राजनीति में भी घमासान मच गया है।

सोलापुर जिला बैंक चुनाव में भी आमने-सामने!

लोकसभा, विधानसभा और स्थानीय निकाय चुनावों के बाद अब सोलापुर जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक की राजनीति में भी जयकुमार गोरे और रणजीतसिंह मोहिते पाटील के बीच मुकाबले की चर्चा होने लगी है।

हालांकि, गोरे ने यह भी कहा कि जिले के वरिष्ठ नेता एक साथ बैठकर जिला बैंक को लेकर उचित फैसला करेंगे। जरूरत पड़ने पर समान विचारधारा वाले लोगों को साथ लेकर जिला बैंक पर बीजेपी का झंडा फहराने का प्रयास किया जाएगा।

अब एनसीपी और शिंदे गुट की प्रतिक्रिया पर नजर

जयकुमार गोरे के बयान के बाद अब नजरें महायुति के दोनों प्रमुख घटक दलों, शिवसेना (शिंदे गुट) और सुनेत्रा पवार नीत एनसीपी की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।

पुणे शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में महायुति के भीतर सीटों को लेकर किस तरह की सहमति बनती है और बीजेपी की ओर से स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने की स्थिति आती है या नहीं, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। फिलहाल गोरे के बयान ने पुणे से लेकर सोलापुर तक राजनीतिक चर्चाओं को जरूर तेज कर दिया है।

Updated on:
21 Sept 2026 10:42 am
Published on:
21 Sept 2026 08:30 am