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‘जब कर्नाटक में हो सकता है, तो महाराष्ट्र में क्यों नहीं?’ महायुति सरकार से NCP शरद गुट ने की बड़ी मांग

Maharashtra Farmer Loan Waiver: महाराष्ट्र में बारिश की कमी के बीच रोहित पवार ने धाराशिव के येरमाळा में फसल नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने किसानों को 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर, चारा छावनी और मजदूर परिवारों को 25 हजार रुपये की मदद देने की मांग की।
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मुंबई

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Dinesh Dubey

Sep 20, 2026

Maharashtra Drought

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Photo: IANS)

Maharashtra Drought: महाराष्ट्र के कई हिस्सों में बारिश की कमी के बीच सूखे जैसे हालात को लेकर सियासत तेज हो गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) के विधायक रोहित पवार ने धाराशिव जिले के कलंब तालुका के येरमाला इलाके का दौरा कर फसलों और किसानों की स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने राज्य की फडणवीस सरकार पर किसानों की अनदेखी करने का आरोप लगाया और तत्काल राहत की मांग की।

धाराशिव में बारिश की कमी का असर कितना गंभीर है, इसका अंदाजा सरकारी रिपोर्ट से भी लगाया जा सकता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, जिले में लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण फसलों को 80 से 85 फीसदी तक नुकसान होने की आशंका जताई गई है।

'खेत में कुछ नहीं बचा, सोयाबीन की 100 फीसदी फसल गई'

येरमाला में किसानों से मुलाकात के बाद रोहित पवार ने कहा कि खेतों में अब कुछ नहीं बचा है। उनके मुताबिक, सोयाबीन की फसल को भारी नुकसान हुआ है और किसानों को कम से कम 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की आर्थिक मदद दी जानी चाहिए।

रोहित पवार ने आरोप लगाया कि पिछले साल हुई अतिवृष्टि का मुआवजा भी कई किसानों को पूरी तरह नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि कुछ किसानों को एक हजार, कुछ को दो हजार और कुछ को 12 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की राशि मिली, जबकि सरकार की ओर से 17,500 रुपये प्रति हेक्टेयर बीमा सहायता मिलने की बात कही गई थी। उन्होंने सरकार से लंबित फसल बीमा और सूखे से संबंधित सहायता जल्द जारी करने की मांग की।

'43 लाख किसानों को मदद मिलना बाकी'

रोहित पवार ने कर्जमाफी को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उनका दावा है कि अब तक करीब 12 लाख किसानों को कर्जमाफी का लाभ मिला है, उन्हें 10 हजार रुपये मिले हैं। जबकि लगभग 43 लाख किसान अभी सहायता के इंतजार में हैं।

उन्होंने कहा कि किसानों को सिर्फ कर्जमाफी ही नहीं, बल्कि मौजूदा फसल नुकसान के लिए भी तत्काल आर्थिक सहायता की जरूरत है। उनके मुताबिक, बारिश नहीं होने से खेतों के साथ-साथ पशुपालन पर भी संकट गहरा रहा है और कई इलाकों में पशुओं के लिए चारे की समस्या सामने आ रही है।

चारा छावनी और मजदूर परिवारों के लिए 25 हजार की मांग

रोहित पवार ने सूखे की स्थिति को देखते हुए प्रभावित इलाकों में चारा छावनियां शुरू करने की मांग की। साथ ही उन्होंने खेतों में काम नहीं मिलने वाले कृषि मजदूर परिवारों को 25 हजार रुपये की सहायता देने की मांग भी रखी।

उनका कहना है कि जब खेतों में काम ही नहीं होगा तो कृषि मजदूरों के परिवारों के सामने रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने का संकट खड़ा हो जाएगा। ऐसे में सरकार को किसानों के साथ-साथ ग्रामीण मजदूरों के लिए भी राहत पैकेज देना चाहिए।

'कर्नाटक में हो सकता है तो महाराष्ट्र में क्यों नहीं?'

रोहित पवार ने कहा कि दूसरे राज्यों में बारिश की कमी और कृषि संकट को देखते हुए कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कर्नाटक का उदाहरण देते हुए महाराष्ट्र सरकार से भी जल्द फैसला लेने की मांग की।

उनके मुताबिक, कर्नाटक में सूखे की स्थिति को लेकर विशेष अधिवेशन बुलाने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि महाराष्ट्र सरकार 5 अक्टूबर तक इंतजार क्यों कर रही है। रोहित पवार ने कहा कि केंद्र से एनडीआरएफ के तहत सहायता चाहिए तो राज्य सरकार को तत्काल प्रतिनिधिमंडल लेकर दिल्ली जाना चाहिए।

हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, महाराष्ट्र सरकार ने भी बारिश की कमी वाले क्षेत्रों में सूखे की स्थिति का आकलन शुरू करने की तैयारी की है और 5 अक्टूबर से पंचनामे कराने की बात सामने आई है।

सरकार का क्या कहना है?

दूसरी ओर, राज्य सरकार की ओर से कहा गया है कि कम बारिश वाले क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि सरकार सूखे की स्थिति से निपटने के लिए कार्ययोजना तैयार कर रही है और प्रभावित क्षेत्रों का आकलन किया जा रहा है।

इस बीच, एनसीपी (शरद पवार) प्रमुख शरद पवार ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर महाराष्ट्र में सूखा घोषित करने और किसानों के लिए तत्काल राहत की मांग की है। उनके पत्र में किसानों के लिए आर्थिक सहायता, कर्जमाफी, फसल बीमा, चारा-पानी और विद्यार्थियों की फीस में राहत जैसी मांगें शामिल हैं।

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