
Payal Mehta Dies (फोटो सोर्स- IMDb)
Payal Mehta Dies: सीनियर पत्रकार पायल मेहता का रविवार, 20 सितंबर 2026 को मुंबई में 46 साल की उम्र में निधन हो गया। पायल मेहता लंबे समय से संसद, सरकार, राजनीति और राष्ट्रीय मुद्दों की रिपोर्टिंग से जुड़ी थीं। उनके अचानक निधन की खबर सामने आने के बाद पत्रकारिता जगत के साथ-साथ राजनीतिक गलियारों में भी शोक की लहर है।
जानकारी के मुताबिक, पायल मेहता को शनिवार देर रात अचानक बेचैनी महसूस हुई। इसके बाद उन्हें रात करीब 2 बजे अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने पाया कि उनकी नाड़ी नहीं चल रही थी। उनकी मौत की अचानक सामने आई खबर ने उनके सहयोगियों और परिचितों को स्तब्ध कर दिया है। उपलब्ध रिपोर्टों में उनकी मौत की सटीक चिकित्सकीय वजह साफ नहीं बताई गई है।
पायल मेहता संसद और केंद्र सरकार से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग के लिए जानी जाती थीं। 15 सितंबर 2026 को उन्होंने भारत में Formula One Grand Prix की संभावनाओं को लेकर गठित टास्क फोर्स से जुड़ी खबर भी रिपोर्ट की थी। इसके अलावा वह संसद की कार्यवाही, सरकार की नीतियों और राष्ट्रीय मुद्दों पर लगातार रिपोर्टिंग करती थीं।
उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शोक व्यक्त किया। पीएम मोदी ने उन्हें मेहनती पत्रकार बताते हुए कहा कि वह जमीन से जुड़ी रहती थीं और राष्ट्रीय मुद्दों की गहरी समझ के साथ रिपोर्टिंग करती थीं। उन्होंने पायल मेहता की विनम्रता और गर्मजोशी को भी याद किया और उनके अचानक निधन को बेहद दुखद बताया।
अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने भी पायल मेहता के निधन पर दुख जताया। उन्होंने उन्हें पत्रकारिता के प्रति समर्पित बताते हुए कहा कि वह संसद में हमेशा सक्रिय और सतर्क नजर आती थीं। कंगना ने अपनी श्रद्धांजलि में जीवन की अनिश्चितता का जिक्र करते हुए पायल मेहता की आत्मा की शांति की कामना की।
पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी पत्रकार के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने पायल मेहता को मिलनसार और गर्मजोशी से पेश आने वाली पत्रकार के तौर पर याद किया। स्मृति ईरानी ने उनके काम में गंभीरता और गरिमा का उल्लेख करते हुए उनके परिवार, दोस्तों और सहकर्मियों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
पायल मेहता के निधन पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और कई अन्य नेताओं ने भी शोक जताया है। राजनाथ सिंह समेत कई लोगों ने संसद की रिपोर्टिंग के दौरान उनकी सक्रियता और समर्पण को याद किया।
पायल मेहता के निधन को उनके परिवार के लिए इसलिए भी बेहद मुश्किल समय माना जा रहा है क्योंकि अगस्त 2026 में ही उनके पिता का निधन हुआ था। एक महीने के भीतर परिवार में हुई इस दूसरी बड़ी क्षति ने उनके करीबियों के दुख को और गहरा कर दिया है। पायल मेहता का अचानक जाना पत्रकारिता जगत के लिए एक बड़ी क्षति के तौर पर देखा जा रहा है। अपने पेशेवर जीवन में उन्होंने संसद और राष्ट्रीय मुद्दों की रिपोर्टिंग को प्राथमिकता दी और निधन से कुछ दिन पहले तक सक्रिय रूप से पत्रकारिता कर रही थीं।
Updated on:
20 Sept 2026 12:11 pm
Published on:
20 Sept 2026 12:05 pm
