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‘गर्दी में दम घुटता है, सही व्यवस्था हो’, लालबाग के राजा के पंडाल में बेटे को खोने पर परिजनों का छलका दर्द

Mumbai Ganpati Pandal Accident: मुंबई में लालबागचा राजा के दर्शन के लिए पहुंचे जलगांव के 25 वर्षीय जयदीप की अचानक मौत हो गई। कतार में तबीयत बिगड़ने के बाद जयदीप को तुरंत अस्पताल ले जाया गया था। परिवार ने भीड़ और वेंटिलेशन व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
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मुंबई

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Dinesh Dubey

Sep 20, 2026

Mumbai Ganeshotsav 2026

लालबागचा राजा के दर्शन के लिए पहुंचे 25 वर्षीय युवक की मौत, कतार में अचानक बिगड़ी तबीयत (Photo: IANS)

Lalbaugcha Raja: मुंबई में लालबागचा राजा के दर्शन के लिए पहुंचे जलगांव के 25 वर्षीय युवक की अचानक मौत से परिवार में शोक की लहर है। मृतक की पहचान जलगांव के जीवनमोती नगर निवासी जयदीप मेघराज नेमाडे के रूप में हुई है। जयदीप 17 सितंबर को अपने चार दोस्तों के साथ करीब 400 किमी का सफर तय कर मुंबई आया था। दर्शन के लिए कतार में खड़े रहने के दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़ा। पुलिस के अनुसार, युवक की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई।

दर्शन की कतार में अचानक बिगड़ी तबीयत

जानकारी के मुताबिक, जयदीप पिछले 4-5 वर्षों से हर साल अपने दोस्तों के साथ लालबागचा राजा के दर्शन के लिए मुंबई आता था। इस साल भी वह अपने चार दोस्तों के साथ मुंबई पहुंचा था। 17 सितंबर को लालबागचा राजा के दर्शन के लिए कतार में खड़े रहने के दौरान उसे अचानक बेचैनी महसूस हुई। कुछ ही देर में वह चक्कर खाकर नीचे गिर पड़ा।

जयदीप की हालत गंभीर देखते हुए लालबाग गणेशोत्सव मंडल के पदाधिकारियों ने उसे एंबुलेंस से पास के अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, पुलिस के अनुसार अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

परिवार को रात में दी गई जानकारी

घटना के बाद जयदीप के साथ मौजूद दोस्तों ने रात में उसके परिवार को इसकी जानकारी दी। खबर मिलते ही परिवार के सदस्य मुंबई के लिए रवाना हुए। इकलौते बेटे की अचानक मौत से नेमाडे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

जयदीप के चाचा प्रमोद नेमाडे ने बताया कि जयदीप उनके भतीजे होने के बावजूद बेटे की तरह था। वह हर साल लालबागचा राजा के दर्शन के लिए जाता था, लेकिन इस बार दर्शन के लिए पहुंचने के बाद उसकी अचानक मौत हो गई।

'जयदीप को कोई बीमारी नहीं थी'

परिवार के मुताबिक जयदीप को पहले से कोई बीमारी नहीं थी। उसके चाचा प्रमोद नेमाडे ने कहा कि सब कुछ अचानक हुआ। जयदीप पुणे में नौकरी करता था। उसने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया था। दर्शन की कतार में काफी भीड़ थी और जयदीप ने घुटन तथा सांस लेने में परेशानी होने की बात कही थी।

परिवार ने भीड़ और वेंटिलेशन व्यवस्था पर उठाए सवाल

जयदीप की मौत के बाद परिवार ने लालबागचा राजा मंडल में भीड़ प्रबंधन और वेंटिलेशन की बेहतर व्यवस्था करने की मांग की है। प्रमोद नेमाडे का कहना है कि लालबागचा राजा के दर्शन के लिए देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। लंबी कतार और भारी भीड़ के बीच पर्याप्त वेंटिलेशन और बेहतर व्यवस्था जरूरी है।

परिवार का कहना है कि श्रद्धालुओं को लंबे समय तक कतार में खड़ा रहना पड़ता है। ऐसे में भीड़ वाले स्थानों पर उचित वेंटिलेशन और आपात स्थिति से निपटने की व्यवस्था और प्रभावी होनी चाहिए।

पुलिस ने दर्ज किया आकस्मिक मौत का मामला

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मध्य मुंबई के लालबागचा राजा गणेश पंडाल के पास जयदीप को अचानक सीने में तकलीफ हुई थी। इसके बाद उसे एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

कालाचौकी पुलिस ने आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया है। अधिकारियों के मुताबिक, जयदीप के परिवार ने किसी तरह की गड़बड़ी की शिकायत नहीं की है और न ही किसी पर संदेह जताया है। पुलिस मामले की आवश्यक जांच कर रही है।