
Kalyan Railway Station News: महाराष्ट्र के कल्याण रेलवे स्टेशन पर डिप्टी स्टेशन मास्टर से कथित मारपीट के मामले में राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के तीन पदाधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि राज ठाकरे की पार्टी मनसे के कार्यकर्ताओं ने रेलवे परिसर में कथित रूप से बिना अनुमति प्रवेश किया और 50 वर्षीय सरकारी कर्मचारी के साथ मारपीट की। यह कार्रवाई सोमवार को हुई घटना के बाद की गई है।
पुलिस के मुताबिक, मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद आरोपी मनसे (MNS) पदाधिकारियों की पहचान प्रथमेश म्हात्रे और दो अन्य के रूप में हुई है। दूसरी ओर, महिला रेलवे कर्मचारी की शिकायत के आधार पर डिप्टी स्टेशन मास्टर के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब दोनों मामलों की जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार, 36 वर्षीय महिला सहकर्मी ने आरोप लगाया है कि डिप्टी स्टेशन मास्टर उसे करीब छह महीने से कथित तौर पर परेशान कर रहा था। महिला का कहना है कि उसने त्योहार के लिए छुट्टी मांगने के संबंध में डिप्टी स्टेशन मास्टर को व्हाट्सऐप पर मैसेज भेजा था।
महिला के मुताबिक, आधिकारिक अनुरोध का जवाब देने के बजाय डिप्टी स्टेशन मास्टर ने उसे कथित तौर पर अनुचित और आपत्तिजनक संदेश भेजने शुरू कर दिए। आरोप है कि वह उसे बार-बार व्हाट्सऐप पर मैसेज भेजता था और अपने घर आने के लिए भी कहता था।
महिला ने पुलिस को बताया कि आरोपी उसका वरिष्ठ अधिकारी था, इसलिए उसने शुरुआत में इन मैसेज को नजरअंदाज किया। लेकिन कथित तौर पर आरोपी द्वारा मैसेज भेजने का सिलसिला जारी रहा। इसके बाद महिला ने स्टेशन मास्टर से दो से तीन बार शिकायत की। जिसके बाद स्टेशन मास्टर ने महिला की मौजूदगी में डिप्टी स्टेशन मास्टर को फटकार भी लगाई थी। इसके बावजूद व्हाट्सऐप मैसेज भेजना बंद नहीं हुआ।
लगातार कथित उत्पीड़न से परेशान होकर महिला ने मनसे पदाधिकारियों से संपर्क किया और उन्हें पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद मनसे कार्यकर्ता महिला के साथ डिप्टी स्टेशन मास्टर के कार्यालय पहुंचे।
आरोप है कि वहां उन्होंने डिप्टी स्टेशन मास्टर से उन कथित मैसेज के बारे में पूछा और उनके साथ मारपीट की।
घटना की जानकारी मिलने के बाद कल्याण जीआरपी की टीम डिप्टी स्टेशन मास्टर के कार्यालय में पहुंची और मामले में हस्तक्षेप कर उन्हें बचाया। पुलिस ने मनसे के तीन पदाधिकारियों के खिलाफ रेलवे परिसर में कथित रूप से अनधिकृत प्रवेश करने और सरकारी कर्मचारी के साथ मारपीट करने के आरोप में मामला दर्ज किया है। फिलहाल घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
इस मामले में पुलिस ने महिला कर्मचारी की शिकायत को भी गंभीरता से लिया है। आरोपों के आधार पर डिप्टी स्टेशन मास्टर के खिलाफ भी भारतीय न्याय संहिता की धारा 75(1) (यौन उत्पीड़न) और 78(1) (पीछा करना/अनुचित आचरण) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस कथित व्हाट्सऐप संदेशों की जांच कर रही है। इसके अलावा महिला और आरोपी के बीच हुई बातचीत तथा मामले से जुड़े अन्य सबूत भी जुटाए जा रहे हैं। जांच के बाद ही आरोपों की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।