
Siya Goyal Confession: पुणे के 26 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस पूछताछ में आरोपी सिया गोयल ने कथित तौर पर स्वीकार किया है कि वह केतन अग्रवाल से शादी नहीं करना चाहती थी। इसलिए उसने अपने प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी। जानकारी के मुताबिक, केतन अग्रवाल की हत्या के तुरंत बाद सिया और चेतन शादी नहीं करने वाले थे। उन्होंने पहले से ही यह योजना बनाई थी। दोनों को इसका पूरा अंदाजा था कि यदि वे जल्दी से शादी कर लेते, तो पुलिस और परिवार वालों को सीधे उन पर शक हो जाता। इसी बीच रविवार सुबह करीब 8 बजे पुलिस की टीम आरोपी सिया गोयल को लेकर लोहगढ़ किले पहुंची। वहां करीब ढाई घंटे तक क्राइम सीन रीक्रिएशन और घटनास्थल का निरीक्षण किया गया।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, सिया को लगता था कि अगर केतन की मौत हो जाती है तो उसे दूसरी शादी के बारे में सोचने के लिए कम से कम तीन साल का समय भी मिल जाएगा। पुलिस को यह भी शक है कि सिया का कथित प्रेमी चेतन चौधरी भी शादी करने से पहले दो से तीन साल का वक्त चाहता था। सिया सगाई तोड़ना नहीं चाहती थी, उसे समाज में परिवार और अपनी बदनामी का भी डर था। इसी वजह से दोनों ने कथित तौर पर केतन की हत्या की साजिश रची।
इतना ही नहीं, पुलिस के हाथ कोई डिजिटल सबूत न लगे, इसके लिए दोनों ने पहले से ही तय कर लिया था कि व्हाट्सएप पर कौन से मैसेज डिलीट करने हैं और कौन से रहने देने हैं। जांच में सामने आया है कि दोनों ने उसी योजना के मुताबिक अपने चैट और डिजिटल गतिविधियों को संभालकर रखा। आरोपियों की कोशिश थी कि पूरी वारदात एक हादसा लगे और किसी को हत्या का शक न हो।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि फरवरी में केतन अग्रवाल से सगाई होने से पहले सिया गोयल और चेतन चौधरी अपने दोस्तों के साथ राजस्थान के उदयपुर घूमने गए थे। सूत्रों के मुताबिक, दोनों जनवरी में करीब पांच दिन तक ग्रुप ट्रिप पर रहे और इस दौरान कई पर्यटन स्थलों का भी भ्रमण किया। पुलिस इस यात्रा को भी जांच के दायरे में रखकर दोनों के रिश्ते और साजिश की टाइमलाइन खंगाल रही है।
जांच में चेतन चौधरी की पारिवारिक पृष्ठभूमि भी सामने आई है। वह राजस्थान के जोधपुर जिले के बिलाड़ा क्षेत्र स्थित पलसानी गांव का रहने वाला है। उसके पिता पिछले कई वर्षों से पुणे में किराना और ड्राई फ्रूट का कारोबार करते हैं। परिवार के अन्य सदस्य भी पुणे में व्यापार से जुड़े हैं, जबकि उसके एक चाचा अब भी पैतृक गांव में रहकर खेती का काम संभालते हैं।
आरोपियों के कथित कबूलनामे के बाद पुलिस ने सबूतों को और मजबूत करने के लिए घटनास्थल पर क्राइम सीन रीक्रिएशन कराया। रविवार सुबह पुलिस टीम सिया गोयल को लोहागढ़ किले पर लेकर पहुंची, जहां हत्या की घटना को दोबारा दोहराया गया। इस दौरान सुरक्षा और गोपनीयता के कड़े इंतजाम किए गए थे। जांच पूरी होने तक लोहगढ़ किले का मुख्य प्रवेश द्वार पूरी तरह बंद रखा गया। इस अवधि में किसी भी पर्यटक या आम नागरिक को किले में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।
डीएसपी गजानन टोम्पे (DSP Gajanan Tompe) ने बताया कि सिया द्वारा बताए गए घटनाक्रम के आधार पर पूरे सीन को रीक्रिएट किया गया। इसके लिए पुलिस ने केतन अग्रवाल के बराबर वजन वाली एक डमी का इस्तेमाल किया, ताकि यह समझा जा सके कि वारदात को किस तरह अंजाम दिया गया था।
लोनावला ग्रामीण पुलिस ने मामले में चेतन चौधरी की उस बाइक को जब्त कर लिया है, जिससे वह पुणे से लोहागढ़ किले तक गया था। इसके अलावा पुलिस ने उसकी हुडी और घटना वाले दिन पहने गए हेडफोन भी जब्त किए हैं। बाइक, कपड़ों और अन्य सामान की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है, ताकि वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा सकें।
पुलिस अब आरोपियों के डिजिटल एविडेंस, आर्थिक लेनदेन, कॉल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन डेटा और यात्रा से जुड़े सभी दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि क्राइम सीन रीक्रिएशन से मिले नए साक्ष्यों के बाद जांच और तेज हो गई है। पुलिस इस हत्याकांड की पूरी साजिश और इसके पीछे की वास्तविक वजह को सामने लाने में जुटी हुई है।