
Ketan Agarwal Lohagad Fort Murder: पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल मौत मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। इस मामले में गिरफ्तार की गई 26 वर्षीय केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी को वडगांव कोर्ट ने 29 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। हालांकि, कोर्ट की सुनवाई के बाद चेतन चौधरी के वकील राम सहाने ने ऐसा दावा किया है, जिसने पूरे मामले को नई दिशा दे दी है।
वकील राम सहाने ने कहा कि इस मामले में आरोपी चेतन चौधरी के खिलाफ एफआईआर में कोई प्रत्यक्ष आरोप या ठोस सबूत मौजूद नहीं हैं। उनका कहना है कि चेतन को केवल सिया गोयल का मित्र होने के आधार पर मामले में शामिल किया गया है। उन्होंने दावा किया कि जांच एजेंसियों ने अब तक ऐसा कोई दस्तावेज या प्रमाण कोर्ट के सामने पेश नहीं किया है, जिससे यह साबित हो सके कि चेतन चौधरी घटना के समय लोहागढ़ इलाके में मौजूद था।
पुलिस ने दोनों आरोपियों से पूछताछ और सारी कड़ियों को जोड़ने के लिए अदालत से सात दिन की पुलिस कस्टडी की मांग की थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी को 29 जून तक पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
सुनवाई के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि अभियोजन पक्ष इस घटना को हत्या और साजिश का मामला बता रहा है, जबकि बचाव पक्ष का मानना है कि यह एक दुर्घटनावश हुई मौत (Accidental Death) का मामला है। उन्होंने यह भी दावा किया कि शुरुआती जांच में पुलिस ने भी इसे हादसा माना था, और उसी के तहत केस दर्ज किया था, लेकिन बाद में इसे हत्या का मामला बना दिया गया।
केतन अग्रवाल की सगाई सिया गोयल से इसी साल फरवरी में हुई थी और दोनों नवंबर में ही शादी करने वाले थे। परिवार शादी की तैयारियों में जुटा था और जयपुर में भव्य समारोह की योजना बनाई गई थी। शादी के लिए जयपुर में 17 करोड़ रुपये खर्च करके एक आलीशान पैलेस बुक किया गया था। यही नहीं, शादी में आने वाले मेहमानों के लिए दो विशेष चार्टर्ड विमानों का भी इंतजाम किया गया था।
लेकिन इससे पहले 18 जून को लोहगढ़ किले से गिरने से केतन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया। शुरुआती जांच में पता चला है कि सिया चेतन को एक साल से जानती थी और दोनों ने मिलकर इस वारदात की साजिश रची थी। पुलिस का दावा है कि चेतन घटना वाले दिन किले में ही मौजूद था।
जांच में यह भी सामने आया कि सिया और चेतन के बीच करीबी संबंध थे। उनके कॉल रिकॉर्ड और परिचितों के बयानों से भी यह स्पष्ट हो गया है। इसी आधार पर पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है और मामले की तह तक जाने के लिए छानबीन कर रही है।
दूसरी ओर, केतन अग्रवाल के परिवार ने इस मामले को महज हादसा मानने से इनकार किया है। केतन के चाचा दिनेश अग्रवाल का आरोप है कि यह पूरी तरह से पूर्व नियोजित हत्या थी। उनका कहना है कि घटना के बाद परिवार को कई संदिग्ध बातें नजर आईं, जिसके बाद पुलिस ने भी मामले की गहराई से जांच शुरू की।
परिवार का दावा है कि जांच के दौरान ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि केतन को पहले से बनाई गई योजना के तहत वहां ले जाया गया था। केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने कहा कि सिया के माता-पिता, भाई और बुआ भी मामले में शामिल हो सकते हैं, जांच के बाद उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। ऐसे लोग समाज के लिए खतरा है। केतन की मां ने सिया को फांसी देनी मांग की है। उन्होंने कहा कि सिया के व्यवहार से ऐसा कभी नहीं लगा कि वह बेटे को छीन लेगी।
एक तरफ बचाव पक्ष इसे दुर्घटना बता रहा है, तो दूसरी तरफ पीड़ित परिवार इसे सुनियोजित हत्या और साजिश करार दे रहा है। दोनों पक्षों के दावों के बीच अब पुलिस जांच और फोरेंसिक साक्ष्य सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हैं। ऐसे में इस हाई-प्रोफाइल मामले पर पूरे देश की नजर बनी हुई है।