
Sanjay Raut on BJP: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर दिए गए बयान पर विवाद बढ़ गया है। बीजेपी ने इसके विरोध में सोमवार को देशभर में प्रदर्शन किया। इस बीच शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने बीजेपी के प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या उसने हर जगह प्रदर्शन करने की अनुमति ली है?
इस दौरान मुंबई में संजय राउत ने कहा कि खरगे के बयान को बीजेपी ने नया मुद्दा बना लिया है और उसके नेता देशभर में प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि जब विपक्षी दल दिल्ली या मुंबई में प्रदर्शन करते हैं, तो उन्हें पुलिस से अनुमति लेनी पड़ती है। कई बार उन्हें हिरासत में भी लिया जाता है और बाद में शांति बनाए रखने के लिए बांड भरवाया जाता है।
राउत ने पूछा कि सरकार आखिर कितने लोगों से ऐसे बांड भरवाएगी? उन्होंने कहा कि हर किसी को अपनी बात रखने और विरोध जताने का अधिकार है।
संजय राउत ने खरगे को अनुभवी नेता बताया। उन्होंने कहा कि खरगे ने राजनीति में 50-60 साल से भी ज्यादा समय बिताया है। अपनी बात रखते हुए राउत ने एक कहावत का जिक्र किया कि जब कोई नहीं सुनता, तो अपने पिता से भी बात करनी पड़ती है। उन्होंने साफ किया कि उनकी बात को गलत अर्थ में नहीं लिया जाना चाहिए।
यह विवाद 25 अक्टूबर को बिहार के पटना में एक कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ। खरगे भाषण दे रहे थे, तभी भीड़ में से एक व्यक्ति ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जाएंगे। इस पर खरगे ने जवाब दिया, 'मोदी का बाप भी जाएगा।' उनके इस बयान पर बीजेपी ने आपत्ति जताई और उनसे माफी मांगने की मांग की।
बाद में उस व्यक्ति ने सफाई दी कि उसकी पूरी बात नहीं सुनी गई थी। उसका कहना था कि वह यह कह रहा था कि जब तक देश में विद्रोह नहीं होगा, तब तक मोदी नहीं जाएंगे।
खरगे के बयान पर बीजेपी का विरोध जारी है। वहीं, संजय राउत ने प्रदर्शन की अनुमति और विपक्ष के साथ होने वाली पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए हैं। इस तरह विवाद में अब राजनीतिक बयान के साथ विरोध-प्रदर्शन के अधिकार का मुद्दा भी जुड़ गया है।