मुंबई

18 महीने की बेटी के लिए मां बनी ऑटो ड्राइवर, अंग्रेजी मीडियम में पढ़ाने का सपना, संघर्ष और हौसले की ये कहानी आपको भावुक कर देगी

Komal Gaikwad viral video: महाराष्ट्र की कोमल गायकवाड़ अपनी छोटी बेटी को साथ लेकर ऑटो चलाती हैं। पति के छोड़ने के बाद उन्होंने मेहनत और हिम्मत से अपनी जिंदगी संभाली, जिसकी कहानी अब सोशल मीडिया पर लोगों को प्रेरित कर रही है।

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May 17, 2026
अपनी डेढ़ साल की बच्ची के लिोए मां बनी ऑटो चालक (Photo-Instagram)

Komal Gaikwad Inspirational story: महाराष्ट्र में रहने वाली एक महिला की कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर लोगों का दिल जीत रही है। कल्याण में ऑटो चलाने वाली कोमल गायकवाड़ की कहानी सोशल मीडिया पर लोगों को भीवुक कर रही है। पति के छोड़कर चले जाने के बाद कोमल ने हार मानने के बजाय अपनी छोटी बेटी को साथ लेकर ऑटो चलाना शुरू किया। आज वही मां अपने संघर्ष और मेहनत के दम पर न सिर्फ घर चला रही है, बल्कि बेटी के बेहतर भविष्य का सपना भी पूरा करने में जुटी हुई है।

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कोमल गायकवाड़ का सपना

हर लड़की की तरह कोमल गायकवाड़ ने भी बचपन से एक सामान्य और खुशहाल जिंदगी का सपना देखा था। पढ़ाई पूरी करना, अच्छी नौकरी पाना और परिवार बसाना उसकी ख्वाहिश थी। लेकिन आर्थिक तंगी ने उसके सपनों की दिशा बदल दी। 10वीं के बाद घर की हालत इतनी खराब थी कि कॉलेज की फीस देना संभव नहीं था। इसी बीच शादी का रिश्ता आया और 2018 में वह परभणी से कल्याण आ गई। यहां उसने गृहिणी बनकर नया जीवन शुरू किया, लेकिन उसे नहीं पता था कि किस्मत उसके लिए और भी कठिन परीक्षा तैयार कर चुकी है।

पति ने छोड़ा साथ

साल 2022 में कोमल ने अपनी बेटी तेजू को जन्म दिया। जब उसकी बेटी सिर्फ 18 महीने की थी, तब उसके पति ने काम के बहाने परभणी जाने की बात कही। शुरुआत में कोमल को लगा कि वह कुछ दिनों में वापस आ जाएगा, लेकिन दिन बीतते गए और वह कभी नहीं लौटा। धीरे-धीरे कोमल को एहसास हुआ कि अब उसे अपनी बेटी की जिम्मेदारी अकेले ही उठानी होगी। एक तरफ पति के छोड़कर जाने का दुख था, दूसरी तरफ पैसों की परेशानी और छोटी बच्ची की चिंता। इन सबने उसे अंदर से तोड़ दिया, लेकिन उसने हार मानने के बजाय खुद को संभाला और जिंदगी से लड़ने का फैसला किया।

बेटी को साथ लेकर सड़कों पर उतरी मां

कोमल ने शुरुआत में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करने की कोशिश की, लेकिन छोटी बेटी की देखभाल करना सबसे बड़ी परेशानी बन गया। घर पर बच्ची को संभालने वाला कोई नहीं था, इसलिए मजबूरी में उसे नौकरी छोड़नी पड़ी। तभी उसे याद आया कि उसने अपने पति से ऑटो चलाना सीखा था। शहर में दूसरी महिलाओं को ऑटो चलाते देखकर उसका हौसला बढ़ा और उसने किराए पर ऑटो लेकर काम शुरू कर दिया। हर सुबह करीब 6:30 बजे वह अपनी बेटी तेजू को साथ लेकर काम पर निकल जाती थी। पहले उसने ऑटो के पीछे बेटी के सोने के लिए छोटी सी जगह बनाई, लेकिन बाद में उसकी परेशानी देखकर ड्राइवर सीट के पास ही लकड़ी की छोटी सीट लगवा दी, ताकि तेजू आराम से उसके साथ बैठ सके।

दिनभर मेहनत के बाद भी कोमल की कमाई सिर्फ 400-500 रुपये रोज होती थी, जिससे घर का खर्च चलाना मुश्किल था। लेकिन उसने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करती रही। आखिरकार, पांच महीने पहले उसने EMI पर अपना खुद का ऑटो खरीद लिया।

सोशल मीडिया पर वीडियो हुई वायरल

कोमल और उसकी बेटी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद लोग उसकी हिम्मत और संघर्ष की खूब तारीफ करने लगे। आज उसकी कहानी कई लोगों के लिए प्रेरणा बन चुकी है। कोमल का सबसे बड़ा सपना अब अपनी बेटी तेजू को अच्छी शिक्षा देना है। जिस गरीबी ने उसकी पढ़ाई छीन ली, वही कमी वह अपनी बेटी की जिंदगी में कभी नहीं आने देना चाहती। वह चाहती है कि तेजू अंग्रेजी माध्यम स्कूल में पढ़े और जिंदगी में वह हर मौका पाए, जो उसे नहीं मिल सका।

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