
शेखर सुमन ने सोनम वांगचुक को किया सपोर्ट (Photo Source- Shekhar Suman Show and Twitter)
Shekhar Suman statement Sonam Wangchuk hunger strike: दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट (NEET-UG) परीक्षा में कथित धांधली और शिक्षा सुधारों को लेकर लद्दाख के प्रसिद्ध शिक्षा सुधारक और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) अनिश्चितकालीन अनशन कर रहे है। 3 हफ्तों से भूखे वांगचुक की सेहत लगातार गिर रही है। उन्हें आज सुबह शनिवार को पुलिस ने उठाया और सफदरजंग अस्पताल ले गई। जहां उनका इलाज चल रहा है। वहीं, इस आंदोलन को लेकर देश का माहौल गरमाया हुआ है और जहां आधे से ज्यादा बॉलीवुड वांगचुक के सपोर्ट में आ गया है वहीं इस आंदोलन में उनका साथ देने मशहूर अभिनेता और होस्ट शेखर सुमन (Shekhar Suman) भी कूद पड़े हैं। उन्होंने वांहचुक के समर्थन में बेहद तीखा और भावुक बयान जारी किया है।
शेखर सुमन ने अपने हालिया शो के दौरान देश की जनता और व्यवस्था (सिस्टम) की खामोशी पर गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने सोनम वांगचुक के संघर्ष को सलाम करते हुए सीधे तौर पर सरकार और समाज को आईना दिखाया है। उन्होंने कहा, "सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक कई दिनों से जंतर मंतर पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के लिए अनशन पे बैठे हैं। मैं हैरान हूं यह देख के कि कोई हैरान क्यों नहीं है?"
शेखर सुमन ने आगे बोलते हुए सरकार और प्रशासन पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने कहा, "एक इंसान देश और समाज के बेहतरी के लिए अनशन पे बैठा है। विद्यार्थियों के भविष्य के लिए अनशन पर बैठा है। शिक्षा के चरमराते ढांचे को संभालने के लिए अनशन पर बैठा है। और व्यवस्था चैन से लेटी हुई है। वो व्यवस्था जो ना सिर्फ गूंगी बहरी और संवेदनहीन है बल्कि तंग दिल संगदिल और बेदिल है। थके हुए ऊर्जाहीन शरीर में भले ही शक्ति ना हो लेकिन देश के लाखों युवाओं की वो ताकत है और गौर से देखा जाए तो हम सब जिंदा लाशों में वो एक अकेला जीवित है। मैं हैरान हूं यह देख के कि कोई हैरान क्यों नहीं रहा।"
सोनम वांगचुक पिछले 20 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। अब उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया है। जंतर-मंतर पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। इस पूरे वाकये पर कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बताया, ''जब मैं यहां से सुबह सात बजे फ्रेश होने के लिए निकला तभी पुलिस के लोग आए और सोनम सर को घसीटकर ले गए। भूख हड़ताल पर बैठे 60 साल के शख्स को पुलिस जबरदस्ती ले गई। हमें नहीं पता कि वो उनको लेकर कहां गई। जब मैं अपने दोस्त के घर से जंतर-मंतर की ओर आ रहा था, तभी मुझे खबर मिली की सोनम सर को पुलिस ले गई।''
वहीं, डीसीपी सचिन शर्मा ने कहा कि माननीय हाईकोर्ट के आदेश और उनकी सेहत व डॉक्टरों की सलाह को ध्यान में रखते हुए, सोनम वांगचुक को इलाज के लिए यहां से सरकारी अस्पताल भेजा गया है और वहां कोई लाठीचार्ज या ऐसी कोई घटना नहीं हुई है।
Updated on:
18 Jul 2026, 1:08 PM IST
Published on:
18 Jul 2026, 9:15 AM IST
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