Maharashtra Ladli Behna Yojana : मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना (Mukhyamantri Ladki Bahin Yojana) के अंतर्गत 31 दिसंबर 2025 तक बड़ी संख्या में महिलाओं ने e-KYC प्रक्रिया पूरी की थी।
महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना’ (Majhi Ladki Bahin Yojana) के लाभार्थियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर आई है। राज्य सरकार ने पात्र महिलाओं को बड़ी खुशखबरी देते हुए अपनी e-KYC में सुधार करने का फिर मौका दिया है। जिन महिलाओं ने अपनी ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया सही से पूरी नहीं की है या जिनके आवेदन में जानकारी भरते समय कोई चूक हो गई थी, उन्हें सरकार ने सुधार का एक अंतिम मौका दिया है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ के माध्यम से जानकारी दी है कि अब लाभार्थी महिलाएं 31 मार्च 2026 तक ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपनी ई-केवाईसी संबंधी गलतियों को सुधार सकती हैं। यह कदम उन लाडली बहनों के लिए उम्मीद की किरण लेकर आया है जिनका लाभ तकनीकी त्रुटियों के कारण रुक गया था।
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मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीन योजना (Ladli Behen Scheme) के कार्यान्वयन के दौरान यह देखा गया कि 31 दिसंबर 2025 तक e-KYC करते समय कई महिलाओं ने अनजाने में गलत जानकारी दर्ज कर दी थी। विशेष रूप से e-KYC के दौरान परिवार के किसी सदस्य की सरकारी नौकरी या पेंशन से जुड़े विकल्प का गलत चयन करने के कारण कई पात्र महिलाओं के आवेदन अपात्र हो गए थे। और उनकी मासिक सहायता राशि रुक गई थी। ऐसे मामलों की शिकायतें सामने आने के बाद अब सरकार ने सुधार का एक और मौका दिया है।
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि e-KYC और जानकारी में सुधार करने का यह अंतिम मौका है। 31 मार्च 2026 के बाद इस प्रक्रिया के लिए कोई और विस्तार नहीं दिया जाएगा। इसलिए जिन लाडली बहनों की e-KYC प्रक्रिया में किसी भी तरह की गलती रह गई है, वे तय समय सीमा के भीतर इसे जरूर ठीक करा लें।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने साफ किया है कि सरकार की मंशा यही है कि सभी पात्र महिलाओं को इस योजना का लाभ मिले। जिन लाडली बहनों की किश्तें पिछले कुछ महीनों से नहीं आ रही हैं, उन्हें तुरंत अपनी प्रोफाइल चेक कर सुधार कर लेना चाहिए ताकि उनका लाभ फिर से शुरू हो सके। यदि महिलाएं इस निर्धारित अवधि के भीतर ई-केवाईसी से जुड़ी गलतियां सुधार लेती हैं, तो रुकी हुई राशि का भुगतान नियमानुसार किया जाएगा। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है। लगभग 2.3 करोड़ से अधिक लाभार्थी इससे जुड़े हैं।