
Maharashtra Mukhyamantri Meri Ladli Behen Scheme : महाराष्ट्र सरकार की लोकप्रिय योजना ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना’ (Majhi Ladki Bahin Yojana) एक बार फिर चर्चा में है। इस योजना से जुड़ी महिलाओं के लिए ई-केवाईसी पूरी करने की आखिरी तारीख 18 नवंबर है। यानी अब डेडलाइन (Ladaki Bahin E-KYC) खत्म होने में सिर्फ एक दिन बाकी है, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक अभी भी एक करोड़ से ज्यादा लाभार्थी महिलाएं अपनी ई-केवाईसी नहीं करा पाई हैं। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए सरकार से समय सीमा आगे बढ़ाने की मांग की जा रही है।
खबर है कि ई-केवाईसी के लिए और समय देने की मांग पर भाजपा नीत महायुति सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। राज्य में स्थानीय निकाय चुनाव करीब हैं और ऐसे समय में सरकार महिलाओं की नाराजगी मोल लेना नहीं चाहती। यही कारण है कि ई-केवाईसी की अंतिम तारीख बढ़ने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
अगर सरकार इस पर फैसला लेती है तो उन लाखों लाडली बहनों को राहत मिलेगी, जो दस्तावेजों या अन्य तकनीकी कारणों से अभी तक प्रक्रिया पूरी नहीं कर सकी हैं।
मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना के नियमों के अनुसार, जिन महिलाओं के परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक है, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। साथ ही आधार कार्ड और मोबाइल नंबर का लिंक होना अनिवार्य है। जिनके पती या पिता अब जीवित नहीं है, उन महिलाओं के लिए भी ई-केवाईसी प्रक्रिया में संशोधन किए गए हैं।
महाराष्ट्र में 246 नगरपालिकाओं और 42 नगर पंचायतों पर 2 दिसंबर को मतदान होगा। इसके मद्देनजर सभी दल तैयारियों में जुट गए है। पिछले साल नवंबर में महायुति गठबंधन को महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में मिली शानदार जीत के पीछे मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना बड़ा कारण था। इस योजना को चुनाव से ठीक पहले लॉन्च किया गया था।
राज्य सरकार लाभार्थी महिलाओं की किसी तरह की नाराजगी झेलने के मूड में नहीं है। इसलिए उम्मीद है कि चुनावों तक ई-केवाईसी की अंतिम तारीख बढ़ाई जा सकती है। जिससे बड़ी संख्या में लाभार्थी महिलाओं को राहत मिल सकती है।
वर्तमान में इस योजना के तहत 2.3 करोड़ से अधिक लाभार्थी पंजीकृत हैं। पिछले साल जुलाई में शुरू की गई महायुति सरकार की इस प्रमुख योजना के तहत 21-65 आयु वर्ग की उन महिलाओं को 1,500 रुपये की मासिक सहायता प्रदान की जाती है, जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय 2.5 लाख रुपये से कम है।
बता दें कि राज्य सरकार ने सितंबर में मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना के लिए ई-केवाईसी को अनिवार्य कर दिया था, ताकि फर्जी लाभार्थियों को योजना से बाहर किया जा सके। इसके लिए महिलाओं को दो महीने का समय दिया गया था और अंतिम तारीख 18 नवंबर तय की गई थी।
ई-केवाईसी के तहत लाभार्थियों की पहचान की डिजिटल पुष्टि की जाती है और उनकी जरूरी जानकारी सुरक्षित रूप से दर्ज की जाती है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल पात्र महिलाओं तक ही योजना का लाभ पहुंचे।
सरकार का मानना है कि इस कदम से योजना में पारदर्शिता बढ़ेगी और असली जरूरतमंद महिलाओं को ही लाभ मिल सकेगा। ई-केवाईसी के बाद अपात्र लाभार्थियों को हर महीने मिलने वाली 1500 रुपए की आर्थिक सहायता रोक दी जाएगी।