
Maharashtra Mukhyamantri Meri Ladli Behen Scheme : महाराष्ट्र की लोकप्रिय ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना’ (Majhi Ladki Bahin Yojana) से जुड़ी बड़ी खबर है। नागपुर जिले में लगभग 95 हजार लाभार्थी महिलाओं की आर्थिक मदद रोक दी गई है। उन्हें अपात्र ठहराया गया है। हालांकि जिला महिला व बाल विकास विभाग इन सभी लाभार्थियों की जांच भी कर रहा है।
मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीन योजना महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं को आर्थिक तौर पर सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। मध्य प्रदेश में मिली सफलता के बाद महाराष्ट्र की भाजपा नीत महायुति सरकार ने भी इसे लागू किया। इसके बाद पिछले साल नवंबर में हुए चुनावों में महायुति गठबंधन को शानदार जीत मिली।
हालांकि इस साल की शुरुआत में मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना की लाभार्थियों की पात्रता की जांच शुरू ही गई, जिसमें कई अनियमितताएं सामने आने लगी। अब तक लाखों की संख्या में अपात्र लाभार्थी सामने आ चुके हैं। पिछले साल जुलाई में शुरू की गई इस योजना के तहत 21-65 आयु वर्ग की उन महिलाओं को 1,500 रुपये की मासिक सहायता प्रदान की जाती है, जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय 2.5 लाख रुपये से कम है।
जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारियों के मुताबिक, अब तक नागपुर में आठ हजार महिलाओं को अपात्र पाया गया है, जबकि बाकी आवेदनों की जांच जारी है। कई ऐसी महिलाएं सूची में शामिल हैं जिनके पास कार है, पारिवारिक आय ढाई लाख रुपये से ज्यादा है। कुछ मामलों में यह भी देखा गया कि पुरुषों ने भी गलत जानकारी देकर इस योजना का लाभ लिया। अन्य सरकारी योजनाओं का फायदा उठाने वाली महिलाओं को भी अपात्र होने के बावजूद हर महीने 1500 रुपये की किस्त मिली। कई मामलों में तो लाभार्थियों की उम्र 65 वर्ष से अधिक है। एक ही परिवार के दो से ज्यादा सदस्यों को भी लाभ मिला।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, नागपुर जिले में कुल 10,63,609 महिलाएं इस योजना की लाभार्थी सूची में शामिल हैं। अब जांच के बाद लगभग एक लाख नाम हटाए जाने की संभावना है। इस बीच, जिन महिलाओं की किस्त रोकी गई है, उनमें से कई ने यह कहते हुए आपत्ति दर्ज कराई है कि वे सभी नियमों के अनुसार पूरी तरह पात्र है, इसके बावजूद भी उन्हें योजना का लाभ नहीं दिया जा रहा। इसकी शिकायत उन्होंने संबंधित प्रशासन से भी की है।
वर्तमान में मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीन योजना के तहत 2.3 करोड़ से अधिक लाभार्थी पंजीकृत हैं। हाल ही में राज्य सरकार ने ई-केवाईसी की अंतिम तारीख बढ़ाकर 31 दिसंबर कर दी है। सोमवार को महिला और बाल विकास मंत्री आदिती तटकरे (Aditi Tatkare) ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि लाडकी बहिन योजना की ई-केवाईसी की आखिरी तारीख बढ़ा दी गई है। लाडली बहनों को पहले ई-केवाईसी प्रक्रिया 18 नवंबर तक पूरी करनी थी, लेकिन विभिन्न कारणों के चलते एक करोड़ से भी ज्यादा महिलाएं अपना ई-केवाईसी (Ladaki Bahin E-KYC) नहीं कर पाई थी।